नई दिल्ली
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के भतीजे अभिषेक (Abhishek Banerjee) प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ में पहुंचे थे. यहां से निकलने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि वे भारतीय जनता पर निशाना साधेंगे, लेकिन उन्होंने चर्चा में कांग्रेस की आलोचना कर दी. अभिषेक के इस बयान के बाद से सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. इसी दिन प्रदेश कांग्रेस (Congress) ने सीएम बनर्जी की पारंपरिक सीट कही जाने वाले भवानीपुर से उप-चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी. हालांकि, कांग्रेस ने प्रदेश इकाई की मांग को खारिज कर दिया है.
पत्रकारों से बातचीत के दौरान टीएमसी महासचिव ने कहा, ‘अन्य की तरह, तृणमूल कांग्रेस डरेगी या घर में नहीं बैठेगी. अगर बीजेपी को लगता है कि वे ये सब कर के टीएमसो को डरा सकते हैं, अगर उन्हें लगता है कि टीएमसी कांग्रेस और अन्य पार्टियों की तरह हार स्वीकार कर लेगी, हम और ताकत से लड़ेंगे. हम हर उस राज्य तक जाएंगे, जहां उन्होंने लोकतंत्र की हत्या की है.’ भवानीपुर से चुनाव लड़ने को लेकर अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘हम बीजेपी को कोई भी फायदा नहीं देना चाहते, इसलिए हम भवानीपुर में कोई उम्मीदवार नहीं उतारना चाहते.’
हाल ही में हुए सियासी घटनाक्रमों में टीएमसी-कांग्रेस के बीच खुशमिजाजी ने पार्टियों के बीच पसंद-नापसंद वाले संबंध नजर आए हैं, जो 2024 में बीजेपी के खिलाफ गठबंधन करने की कोशिश कर रही हैं. 2 मई को बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सियासत और ज्यादा सक्रिय हुई और सीएम ममता बनर्जी की दिल्ली यात्रा के बाद इसे और बल मिला.
ममता बनर्जी के दिल्ली पहुंचने से एक दिन पहले ही कांग्रेस ने पेगासस विवाद को लेकर अभिषेक की तस्वीर ट्वीटर पर शेयर की थी. वहीं, सीएम बनर्जी ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ मैत्रीपूर्ण बैठक की थी. यहां उन्होंने 2024 में विपक्ष की एकजुटता की बात कही. इसके अलावा राहुल गांधी की तरफ से बुलाई गई नाश्ता बैठक का भी टीएमसी हिस्सा रही थी.
टीएमसी सूत्र बताते हैं कि पार्टी इस बात को लेकर स्पष्ट है कि वे कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ेगी, लेकिन वे कांग्रेस की तरफ से पेश किया गया ‘कुछ तो भी’ स्वीकार नहीं करेगी. ऐसे में अभिषेक का यह बयान और अहम हो जाता है. टीएमसी में कई लोगों का मानना है कि कांग्रेस में पर्याप्त आक्रामकता नहीं है और अभिषेक का बयान ततैया के छत्ते में हाथ डालना है. कांग्रेस की ‘कमजोरी’ भी बीजेपी को और ताकत दे रही है. टीएमसी ने बीजेपी पर अपने राजनीतिक प्रतिद्विंदियों के खिलाफ सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं.
कांग्रेस ने अब तक मामले पर चुप्पी साधी हुई है. पार्टी सांसद प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, ‘कांग्रेस ने हमेशा सांप्रदायिक ताकतों से लड़ाई की है और हम ऐसा करना जारी रखेंगे.’ राजनीतिक पंडितों का मानना है कि टीएमसी, कांग्रेस के साथ गठबंधन करना चाहती है. उसे लगता है कि सबसे पुरानी पार्टी पहले की तरह असर नहीं डाल सकती है. ऐसे में अभिषेक बनर्जी का बयान 2024 से पहले कांग्रेस को तैयारियों के लिए जगाने का काम कर सकता है.

