लखनऊ पुलिस कमिश्नर ने सोमवार को अपनी वेबसाइट लांच की जिसमे अब लोग घर बैठे चरित्र और किराएदार सत्यापन करा सकते हैं। पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय के मुताबिक चरित्र सत्यापन के लिए लोगों को तीन से चार माह का इंतज़ार करना पड़ता था। अब ऐसा नहीं होगा हालांकि अब इस सुविधा से महज एक सप्ताह से 15 दिन के भीतर लोगों को चरित्र प्रमाण पत्र प्राप्त हो जाएगा। कोरोना कॉल में वेरिफिकेशन के लिए लोगों को पुलिस के चक्कर लगाने पड़ते थे। वायरस के संक्रमण को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने वेबसाइट बनाने का निर्णय लिया था। लखनऊ पुलिस ने वेबसाइट पर ‘आपकी सेवा हमारा लक्ष्य’ टैग लाइन दिया है।
800 लोगों ने कराया वेरिफिकेशन
पिछले एक माह से पुलिस वेबसाइट का ट्रायल कर रही थी। इस दौरान करीब आठ सौ लोगों ने 30 दिन के भीतर प्रमाण पत्र हासिल किया। ऑनलाइन वेरिफिकेशन के लिए लोगों को 50 रुपये शुल्क जमा करना होगा। अलग अलग माध्यमों से शुल्क जमा करने की सुविधा दी गई है। पुलिस को अब तक कुल 40 हजार रुपये मिले हैं। पूर्व में वेरिफिकेशन कराने के लिए लोगों को लंबी भागदौड़ करनी पड़ती थी और इस दौरान करीब तीन से चार माह का समय लग जाता था। हालांकि अब किसी थाने से वेरिफिकेशन में देरी होती है तो सम्बंधित थानेदार को नोटिस भेजकर उससे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

