Jansandesh online hindi news

उज्ज्वला योजना को लेकर सरकार पर हमलावर हुए AIMIM अध्यक्ष, बोले मोदी का दिल पत्थर का हैं

 | 
Image

 

डेस्क। एआईएमआईएम अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी की उज्ज्वला योजना को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मोदी सरकार का दिल पूरा पत्थर का है और बेरोजगारी के मुद्दे पर मोदी सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगती। 

आगे असदुद्दीन ओवैसी ने उज्जवला योजना से जुड़ा हुआ एक डेटा साझा करते हुए इसको लेकर सरकार से कई सवाल पूछे।

बता दें कि एक बार पूर्व केन्द्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी ने संसद में बताया था कि उज्जवला योजना के 9 करोड़ लाभार्थियों में से 37 फीसदी लाभार्थी मुस्लिम महिलाएं ही हैं। इसके अलावा नकवी ने कहा था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनें 31 फीसदी मकान 25 फीसदी से अधिक अल्पसंख्यक बहुल वाले क्षेत्रों में बांटे गए हैं और नकवी ने यह भी कहा था कि किसान सम्मान निधि के 33 फीसदी लाभार्थी अल्पसंख्यक समाज के हैं।

बता दें कि नकवी के इसी बयान पर ओवैसी ने सरकार पर निशाना भी साधा है। ओवैसी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, “मोदी सरकार एक बार फिर झूठ बोलते हुए पकड़ी गई है। इसके आगे उन्होंने बोला कि कुछ अध्ययन का हवाला देते हुए मोदी के मंत्री ने कहा था कि उज्ज्वला के 37 फीसदी लाभार्थी अल्पसंख्यक रह गए हैं। मैंने लोकसभा में वास्तविक संख्या के बारे में भी पूछा। अब सरकार का कहना है कि उसके पास धर्म के हिसाब से कोई आंकड़े नहीं हैं। या तो मुख्तार अब्बास नकवी तब झूठ बोल रहे थे या रामेश्वर तेली अब झूठ बोल रहे हैं।”

बता दें कि गुरुवार को असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से पूछा था कि उज्जवला योजना के अंतर्गत कितने लाभार्थी मुस्लिम हैं। इसके अलावा उन्होंने पूछा कि केंद्र सरकार राज्य के हिसाब से आंकड़ा देते हुए यह बताए कि उज्जवला योजना से जुड़े अबतक किस राज्य को कितना रुपया मिला है और राज्य ने कितना खर्च किया है। जानकारी के लिए बता दें कि ओवैसी ने सरकार से कुल 5 प्रशन पूछें थें।

इसके बाद उन्होंने कहा कि, “मोदी सरकार का दिल पत्थर का है। 2014 से लेकर अब तक केंद्र को 22 करोड़ आवेदन मिले लेकिन सरकार सिर्फ 7 लाख लोगों को ही नौकरियां दे पाई हैं। भाजपा सरकार में युवाओं के मुकद्दर में बेरोजगारी लिखी है।”

Text Example

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।