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अदालत ने जहाँगीपुर हिंसा को बताया सोची समझी साजिश

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Jahangirpuri violence

Jahangirpuri Violence : जहांगीरपुर हिंसा मामले में रोहिणी अदालत ने यह मान लिया कि यह हिंसा एक सोची समझी साजिश थी। अदालत ने कहा है कि आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या करने व हिंसा को भड़काने के सबूत मिले हैं। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 6 अगस्त को आरोपियों को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए है। जानकारी के लिए बता दें यह हिंसा 16 अप्रैल को हनुमान जयंती के दिन निकाली गई यात्रा के दौरान भड़की थी। 

पुलिस के आरोपपत्रो में यह दावा किया गया है कि जहाँगीपुर में जो हिंसा हुआ वह सीएए कानून को आधार बनाकर की गई है। मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दीपिका सिंह ने सभी गवाहों के बयान व दस्तावेज का अध्ययन करने के बाद चार्जशीट पर संज्ञान लिया और आरोपियों के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी किया है। पुलिस के आरोप पत्र मे मोहम्मद अंसार और तबरेज अंसारी को मुख्य साजिशकर्ता बनाया गया है, वहीं तीसरा साजिशकर्ता इशराफिल फरार है। 
जानकारी के लिये बता दें दिल्ली पुलिस ने धारा 307, धारा 120 बी , धारा 34 , धारा 186 आईपीसी , धारा 353, धारा 332, धारा 323 , धारा 436 , धारा 147 धारा 148 , धारा 149 , धारा 427 की शरारत और शस्त्र अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत नुकसान पहुंचाने के आरोप में आरोपपत्र दायर किया था। इसके अलावा तीन लोगो के नाम भगोड़े घोषित किये गए हैं जो इस समय फरार है। बता दें पुलिस ने ये दावे व्हाट्सएप चैट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के साथ हिंसा के 2,300 से अधिक सीसीटीवी और मोबाइल रिकॉर्ड किए गए फुटेज के आधार पर किए हैं।
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