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निजीकरण के मार्ग पर चली सरकारी, इन दो बैंको का होगा निजीकरण

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निजीकरण के मार्ग पर चली सरकारी करेगी इन दो बैंको का होगा निजीकरण

बाजार:- सरकार निजीकरण के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रही है। इस निजीकरण की नीति के चलते केंद्र सरकार को जनता की आलोचनाओ का सामना करना पड़ रहा है। सरकार जिस भी क्षेत्र के निजीकरण की ओर कदम बढ़ती है लोग सरकार के निर्णय के विरोध में खड़े हो जाते हैं। वही अब सरकार ने बैंको के निजीकरण की ओर पहला कदम बढ़ाया है और अब वह दो बड़े सरकारी बैंकों का निजीकरण करने जा रही है। 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार अब बैंको का निजीकरण करने की कवायद में जुट गई है वह जल्द ही मानसून सत्र में बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक को ला सकती है। इस संसोधन से Public Sector Banks का निजीकरण तेजी से होगा। वही अभी खबर है कि दो सरकारी बैंकों इंडियन ओवरसीज बैंक ( Indian Overseas Bank),सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) और एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी का निजीकरण हो सकता है। हालाकि अभी तक इस विषय को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। 
 लेकिन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2021 - 2022 प्रस्तुत करते समय बैंको के निजीकरण की बात साफ तौर पर कह दी थी। उन्होंने कहा था कि मानसून सत्र में बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक आने और इसके पास होने के बाद ही सरकारी बैंकों का निजीकरण हो पाएगा। उनके इस बयान के आधार पर जानकर यह कयास लगा रहे हैं कि जल्द ही सरकार बैंको का निजीकरण शुरू करेगी। जानकारी के लिए बता दे देश मे अब कुल 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक है। 2019 में 10 बड़े सरकारी बैंकों का मर्जर बडे बैंको के साथ किया गया था। सरकार बैंको की वित्तीय स्थिति में सुधार करने हेतु मर्जर का रास्ता अपना रही है। 
जानकारी के लिए बता दें वर्ष 2019 में पंजाब नेशनल बैंक में ओरएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय किया था. इसी तरह इंडियन बैंक में इलाहाबाद बैंक का मर्जर किया गया था. केनरा बैंक में सिंडीकेट बैंक का मर्जर किया गया था और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का मर्जर किया गया था।
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