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जगतगुरु परमहंसाचार्य को नहीं मिली तेजोमहालय (ताजमहल) में एंट्री, भगवे के मजाक पर सीएम योगी से लगाई न्याय की आस

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डेस्क। यूपी के आगरा में मौजूद ताज महल देखने के लिए अयोध्या से जगदगुरु परमहंसाचार्य आगरा पहुंचे, लेकिन उनको वहां एंट्री नहीं मिली। 

जानकारी के मुताबित संत जगद्गुरू परमहंसाचार्य को भगवा कपड़ों और धर्मदंड की वजह से अंदर नहीं जाने की अनुमति नहीं दी गई। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उनके शिष्यों को पुलिस ने वहां से धकिया कर निकालने की कोशिश भी की। 

इस दुर्व्यवहार पर संत ने कहा कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें अंदर न जाने दिया जाना एक तरह से भगवा रंग का मजाक है।

इस मामले में सफाई देते हुए पुरात्व विभाग के एक कर्मचारी ने कहा कि उन्हें भगवा रंग के वस्त्र की वजह से नहीं बल्कि कथित तौर पर लोहे के उस धर्म दंड की वजह से रोका गया जो वह उस वक्त उनके हाथ में था। मसले पर हिंदी समाचार चैनल एबीपी न्यूज से बातचीत में बुधवार सुबह फोन पर संत ने बताया, “मैं पहली बार वहां गया था पर मुझे वहां के लोगों का व्यवहार देखकर अच्छा नहीं लगा। 

आगे उन्होंने कहा कि आखिरकार ऐसा क्यों हो रहा है और किसके इशारो पर हो रहा है?” परमहंसाचार्य के मुताबिक, उन्हें टिकट भी खरीदवाया गया था, जिसके बाद भी एंट्री नहीं दी गई। 

परमहंसाचार्य ने बताया कि जो, “ताज महल परिसर में जो हमारे साथ हुआ, उसे देखकर वहां पर मौजूद लोग भी नाराज हो गए थे।”

बकौल संत, “ताज महल पहले शिव जी का मंदिर था। मुगलों के आक्रमण के बाद शिव जी की उस पिंडी को हटा दिया गया। वहां एंट्री के दौरान भगवा रंग और धर्मदंड को लेकर आपत्ति जताई। मैंने कहा कि अगर भगवा से दिक्कत है तो बोर्ड पर लगा दें। वहां इस दौरान एक मजहब विशेष के लोग हंस रहे थे।”

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