Jansandesh online hindi news

समान नागरिक संहिता अल्पसंख्यक विरोधी इसे मुसलमान नहीं करेगा स्वीकार

 | 
समान नागरिक संहिता अल्पसंख्यक विरोधी इसे मुसलमान नहीं करेगा स्वीकार

देश: देश के कई राज्यों में समान नागरिक सहिंता लागू हो चुकी है। वही इसको लेकर एक वर्ग काफी विरोध कर रहा है। अब इस संदर्भ में इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस नियम को असंवैधानिक और अल्पसंख्यक विरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा की भारत का संविधान सभी को उनके धर्मिक नियमो के अनुसार जीवन व्यतीत करने की अनुमति देता है। इसमे मौलिक अधिकारों को शामिल किया गया है। यह मुस्लिम और आदिवासी लोगो को उनकी परंपरा के मुताबिक जीने का अधिकार देता है।

मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने इस संदर्भ में कहा है कि यह हमारे देश को किसी प्रकार से नुकसान नहीं देता है। क्योंकि इसके चलते आपसी एकता और सद्भावना बनी रहती है। हमने अतीत में देखा है कि आदिवासी समाज के विद्रोह को खत्म करने के लिए उनकी मांगों को पूरा किया गया है और उन्हें यह अधिकार दिया गया कि वह समाज मे अपनी मान्यताओं के मुताबिक रह सके। 
उन्होंने कहा, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र सरकार अब इसपर समान नागरिक सहिंता का राग अलाप रही है। उनके इस तरह के बयान महज जनता को वास्तविक मुद्दों से बरगलाने और नफरत का एजेंडा फैलाने का है। लेकिन उनकी इस नीति को मुसलमान कभी स्वीकार नहीं करेगा।
Text Example

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।