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कार्यकाल पूरा होने के बाद कहा रहते है पूर्व राष्ट्रपति, इतने लाख मिलती है पेंशन और ये सुविधाएं भी

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डेस्क। 24 जुलाई 2022 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। पर अभी के लिए बता दें कि रामनाथ कोविंद दुनिया के सबसे बड़े राष्ट्रपति भवन में रहते हैं। भारत का राष्ट्रपति भवन 330 एकड़ में बना हुआ है वो अलग बात है कि इमारत केवल पांच एकड़ में बनी है।

बता दें कि चार मंजिला इस इमारत में कुल 340 कमरे हैं। इसका उद्यान 190 एकड़ में फैला है। भारत के प्रथम नागरिक की सेवा में यहां करीब 200 लोग काम करते हैं। इस भवन में राष्ट्रपति को विशेष तरह की सुविधाएं फ़ी जाती हैं। राष्ट्रपति के निवास, स्टाफ, मेहमानों और भोजन आदि पर सालाना करीब 225 लाख रुपये तक का खर्च किया जाता हैं। पर आज हम बात करेंगे कि राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म होने के बाद पूर्व हो चुके राष्ट्रपति कहां रहते हैं और क्या उन्हें कोई सुविधा भारत सरकार की ओर से मिलती हैं या नहीं?

मीडिया रिपोर्ट की माने तो नियमानुसार कार्यकाल पूरा कर चुके राष्ट्रपति को देश की राजधानी दिल्ली में कैबिनेट मंत्री को आवंटित होने वाला बंगला दे दिया जाता है। बता दें कि रामनाथ कोविंद भारत के 14वें राष्ट्रपति हैं। दो राष्ट्रपति, ज़ाकिर हुसैन और फ़ख़रुद्दीन अली अहमद की पद पर रहते ही मृत्यु हो गयी थी। इनके अलावा जिन राष्ट्रपतियों की सेवा समाप्त होती गई, उनमें से ज्यादातर दिल्ली न रहकर अपने-अपने गृह क्षेत्र चले गए पर प्रशंसनिक तौर पर उनको यह बंगला आवंटित किया जाता है।

जैसे देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद कार्यकाल खत्म होने के बाद पटना में शिफ्ट हो गए थे। दूसरे राष्ट्रपति एस. राधाकृष्णन, चौथे राष्ट्रपति वीवी गिरी और नौवें राष्ट्रपति आर वेंकटरमन सेवा मुक्त होने पर अपने अपने गृह निवास चले गए थे। ऐसे ही एन संजीव रेड्डी राष्ट्रपति भवन छोड़ने के बाद बेंगलुरु चले गए थे। प्रतिभा पाटिल पद छोड़ने के बाद पुणे में शिफ्ट हो गयी थीं।

वहीं कुछ पूर्व राष्ट्रपति दिल्ली में भी रहें थे। जैसे ज्ञानी जैल सिंह कार्यकाल खत्म होने के बाद तीन मूर्ति स्थित सर्कुलर रोड के पास एक बंगले में रहने लगे थे। शंकर दयाल शर्मा सफदरजंग रोड स्थित एक बंगले में रहे थे। केआर नारायणन पद छोड़ने के बाद लुटियन दिल्ली में निवास करने लगे। वहीं एपीजे अब्दुल कलाम 10 राजाजी मार्ग पर स्थित एक बंगले में रहे। इसके बाद इसी बंगले में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी रहे।

बता दें कि राष्ट्रपति की मासिक सैलरी 5 लाख रुपये की होती है, इस रकम पर किसी भी प्रकार के कर (टैक्स) का भुगतान नहीं करना होता। साथ ही रिटायर होने पर 1.5 लाख रुपये प्रति माह पेंशन भी मिलता है। स्टाफ पर खर्च करने के लिए 60 हजार रुपये महीना अलग से दिया जाता है। आजीवन मुफ्त इलाज और आवास की सुविधा भी दी जाती है। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति को दो फ्री लैंडलाइन और एक मोबाइल भी आवंटित किया जाता है।

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