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AIIMS:12 से 18 साल तक के बच्‍चों को पहली डोज, ऐसे चल रहा वैक्सीन का ट्रायल

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AIIMS:12 से 18 साल तक के बच्‍चों को पहली डोज, ऐसे चल रहा वैक्सीन का ट्रायल

नई दिल्‍ली

स्‍वदेशी कोरोना वायरस टीके का बच्‍चों पर ट्रायल शुरू हो गया है। एम्‍स दिल्‍ली, पटना समेत कई सेंटर्स पर ट्रायल चलेगा। पटना एम्‍स में 12 से 18 साल के 27 बच्‍चों को Covaxin की पहली डोज दी गई है। एम्‍स दिल्‍ली में भी मंगलवार को स्‍क्रीनिंग करने वाले बच्‍चों को वैक्‍सीन दी जा सकती है। Covaxin भारत बायोटेक की बनाई वैक्‍सीन है जिसे 18+ एजग्रुप के लिए जनवरी 2021 में आपातकालीन मंजूरी दी गई थी।

दिल्‍ली में आज दी जा सकती है पहली डोज

एम्‍स दिल्‍ली में सोमवार को बच्‍चों पर क्लिनिकल ट्रायल के लिए स्‍क्रीनिंग शुरू हुई। पहले दिन 12 से 18 साल के करीब 30 बच्‍चों ने हिस्‍सा लिया। इन बच्‍चों के साथ उनके पेरेंट्स आए हुए थे जिनसे ट्रायल में शामिल होने को लेकर एक फॉर्म भी साइन कराया गया। एक पेरेंट ने कहा, "बड़े पैमाने पर टीकाकरण से ही कोविड-19 महामारी खत्‍म होगी। एक-एक करके सबको वैक्‍सीन लगवानी ही होगी ताकि इन्‍फेक्‍शन से बचाव हो सके।"

तीन चरणों में होगा Covaxin का ट्रायल

एम्‍स ने ही वयस्‍कों पर भी वैक्‍सीन का ट्रायल क‍िया था। तब 100 लोगों की जरूरत थी मगर 4,000 से ज्‍यादा आवेदन आए थे। एक डॉक्‍टर ने कहा, "इस बार हमने ज्‍यादा विज्ञापन नहीं दिए मगर फिर भी पेरेंट्स की तरफ से अपने बच्‍चों को ट्रायल में शामिल कराने के लिए ठीक-ठाक आवेदन आए हैं।" डॉक्‍टर ने कहा कि बच्‍चों पर वैक्‍सीन के ट्रायल को पूरा होने में छह से नौ महीने लग सकते हैं।

एम्‍स पटना में ट्रायल का पहला चरण पूरा

सोमवार को पटना एम्‍स में 12-18 साल के 17 बच्‍चों को पहली डोज दी गई। इन बच्‍चों को दो घंटे तक डॉक्‍टर्स की निगरानी में रखा गया। कोई साइड इफेक्‍ट्स नजर न आने पर उन्‍हें घर जाने दिया गया। यहां कुल मिलाकर 27 बच्‍चों को पहली डोज मिली है। पटना में 3 जून को बच्‍चों पर ट्रायल शुरू क‍िया गया था।

बच्‍चों के लिए अबतक कोई वैक्‍सीन नहीं

भारत में 18 साल या उससे ज्‍यादा उम्र वालों के लिए तीन टीकों को मंजूरी दी गई है। इनमें Covaxin के अलावा Covishield और Sputnik V शामिल हैं। हालांकि बच्‍चों के लिए अभी तक किसी वैक्‍सीन को मंजूरी नहीं मिली है। अमेरिका और ब्रिटेन में फाइजर की वैक्‍सीन को 12 साल से ज्‍यादा उम्र के बच्‍चों पर इस्‍तेमाल की हरी झंडी दी जा चुकी है। भारत बायोटेक को पिछले महीने अपनी वैक्‍सीन के बच्‍चों पर ट्रायल की मंजूरी दी गई थी।