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जानिए क्या स्कीम जारी हुए पीएम-केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत 

ये स्कीम  उन बच्चों को सहायता प्रदान करती है, जिन्होंने कोविड -19 महामारी के कारण अपने माता-पिता को खो दिया है

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क्या - क्या है स्पेशल इस स्कीम मे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की बच्चे देश के भविषय का प्रतिनिधित्व करते हैं और हम बच्चों के समर्थन और सुरक्षा के लिए सब कुछ करेंगे | और यह भी एक समाज के रूप मे हमारा कर्तव्य है की  हम अपने बच्चो की देखभाल करें और उज्ज्वल भविस्य की आशा जगाएँ |

इसीलिए  केंद्र सरकार ने पीएम-केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना (PM-Cares for children scheme) के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये स्कीम  उन बच्चों को सहायता प्रदान करती है जिन्होंने कोविड -19 महामारी के कारण अपने माता-पिता को खो दिया है।

 

पात्रता मापदंड

 

इस योजना के लिए पात्रता मानदंड उन सभी बच्चों को कवर करेगा, जिन्होंने कोविड -19 महामारी के कारण माता-पिता या जीवित माता-पिता या कानूनी अभिभावक / दत्तक माता-पिता / एकल दत्तक माता-पिता दोनों को खो दिया है। 11 मार्च 2020 से दिसंबर 2021 तक महामारी के रूप में कोविड-19 इस योजना के तहत लाभ के हकदार होंगे। WHO ने 11 मार्च 2020 को कोविड 19 को महामारी को रूप में घोषित किया था।

 

इसके अलावा माता-पिता की मृत्यु के समय बच्चे की उम्र 18 साल की नहीं होनी चाहिए।

यह योजना 18 वर्ष की आयु से मासिक वजीफा और 23 साल होने पर 10 लाख रुपये देगी। पात्र बच्चों को 29.05.2021 से नामांकन करना होगा जो कि प्रधानमंत्री द्वारा 31.12.2021 तक पीएम-केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना (PM cares for children Scheme) का लाभ उठाने की घोषणा की तारीख है। यह योजना उस साल तक जारी रहने की उम्मीद है जब प्रत्येक लाभार्थी 23 साल की आयु का हो जाएगा।

 

क्या क्या है स्पेशल इस स्कीम मे

केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत कोविड के कारण अनाथ हुए बच्चे जब 18 साल के हो जाएंगे तो एक स्पेशल स्कीम के तहत 10 लाख रुपये का एक फंड बनाया जाएगा और हर महीने उन्हें उसमें से स्टाइपेंड मिलेगा, ताकि शिक्षा के दौरान वे अपनी पर्सनल जरूरतें पूरी कर सकें। वहीं, 23 साल की उम्र होने पर इस फंड में बचा हुआ अमाउंट उन्हें एकमुश्त दिया जाएगा।

10 साल से कम उम्र के अनाथ बच्चों को नजदीक के केंद्रीय विद्यालय में दाखिला दिलाया जाएगा। प्राइवेट स्कूल में एडमिशन होने पर उनकी फीस पीएम केयर्स फंड से केंद्र सरकार जमा कराएगी। इसके अलावा बच्चों की किताबें, स्कूल ड्रेस आदि का खर्च भी केंद्र सरकार उठाएगी। वहीं, 11 साल से अधिक उम्र के बच्चों का दाखिला सैनिक स्कूल और नवोदय विद्यालय में कराया जाएगा।

 

हाइयर एजुकेशन में ऐसे अनाथ बच्चों के एजुकेशन लोन पर लगने वाला इंटरेस्ट केंद्र सरकार वहन करेगी। इसके साथ ही उनकी कोर्स फीस और ट्यूशन फीस भी पीएम केयर्स फंड से दिया जाएगा। साथ ही सभी अनाथ बच्चों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा। 18 साल की उम्र तक उसका प्रीमियम केंद्र सरकार भरेगी।

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