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प्रधानमंत्री ड्रीम प्रोजेक्ट : श्रीकाशी विश्वनाथधाम में बने 24 भवनों के देखभाल व संचालन की जिम्मेदारी देने की तैयारी 

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प्रधानमंत्री ड्रीम प्रोजेक्ट : श्रीकाशी विश्वनाथधाम में बने 24 भवनों के देखभाल व संचालन की जिम्मेदारी देने की तैयारी 

प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट श्रीकाशी विश्वनाथधाम में बने 24 भवनों के देखभाल व संचालन की जिम्मेदारी देने की तैयारी शुरू हो गई। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि दस दिन में कंसलटेंट की तलाश कर ली जाएगी। इसके बाद टेंडर जारी किया जाएगा। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में गेस्ट हाउस, तीन यात्री सुविधा केंद्र, पर्यटक सुविधा केंद्र, स्टॉल, पुजारियों के रहने के लिए आवास, आश्रम, वैदिक केंद्र, सिटी म्यूजियम, मुमुक्षु भवन, वाराणसी गैलरी आदि शामिल है।

इन भवनों का संचालन पीपीपी यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप माडल पर कंपनी का चयन होगा। कंपनी आय के स्रोत विकसित कर बजट तैयार करेगी। इसी बजट में से कारिडोर की सुरक्षा, बिजली व्यवस्था, संचालन व देखभाल पर खर्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान इस आशय का निर्देश दिया था। कहा था कि प्राइवेट संस्थाओं को देखरेख के लिए इन भवनों को सौंपने की प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए।

अब मकान अधिग्रहण नहीं : श्रीकाशी विश्वनाथधाम परिक्षेत्र के बढऩे के कारण चर्चा थी कि कुछ और मकानों का अधिग्रहण हो सकता है। कमिश्नर ने कहा कि अब एक भी मकान अधिग्रहण नहीं होना है। जबकि जरूरत के अनुसार आगे इसमें नए फैसले समिति द्वारा कभी भी लिए जा सकते हैं। 

अब चार सौ करोड़ का बजट : कॉरिडोर का बजट पहले 339 करोड़ निर्धारित था, अब यह 400 करोड़ हो गया है। मणिकर्णिका घाट से जलासेन घाट के बीच सात मीटर चौड़ी व 20 मीटर लंबी दीवार बनने समेत अन्य कारणों की वजह से इस बजट के बढऩे की बात कही जा रही है। बाबा दरबार की भव्‍यता और दिव्‍यता को बढ़ाने के साथ ही इसे वैश्विक कलेवर देने के लिए कई बार बजट में इजाफा हो चुका है। 

विश्‍वनाथ कारीडोर को लेकर बैठक आज : काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद बोर्ड की बैठक आज शनिवार को कमिश्नर वाराणसी की अध्‍यक्षता में हो रही है। इसमें डीएम, वीडीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी सहित अन्य कई विभाग शमिल हो रहे हैं। इस दौरान पीएम के आगमन को लेकर तैयारियों पर बैठक के अलावा बाबा दरबार में इस सावन माह में श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधा आदि पर भी मंथन होगा।