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Uttarakhand new CM Pushkar Singh : क्यों चुने गए पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री, कैसे मिली इतनी बड़ी जिम्मेदारी ?

Uttarakhand new CM Pushkar Singh :

पुष्कर धामी ऐसे नेता बन चुके हैं, जो बिना मंत्री बने सीधे विधायक से मुख्यमंत्री बने हैं। कोरोनाकाल में जब जनता अपने नेताओं को ढूंढ़ रही थी। उस वक्त पुष्कर सिंह धामी अपनी विधानसभा में काफी एक्टिव थे। वे उधम सिंह नगर की खटीमा विधानसभा सीट से विधायक हैं। भाजपा विधायक दल ने भाजपा मुख्यालय में हुई बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम की घोषणा की। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेरी पार्टी ने एक सामान्य से कार्यकर्ता को सेवा का अवसर दिया है। जनता के मुद्दों पर हम सबका सहयोग लेकर काम करेंगे। 

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Uttarakhand new CM Pushkar Singh

तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के बाद अब उत्तराखंड को पुष्कर सिंह धामी  के रूप में अपना अगला सीएम मिल चुका है। कई दिनों की रानजीतिक उठापठक के बाद भाजपा नेतृत्व ने यह फैसला लिया है। वह भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और दो बार खटीमा से विधायक रहे हैं। भाजपा की विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मोहर लगाई गई है। 

बीजेपी ने एक बार फिर चैंकाने वाला फैसला लिया है। तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के बाद तमाम नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन आखिरकार पार्टी ने युवा नेता पुष्कर सिंह धामी को कमान सौंपी है। क्योंकि धामी का नाम टॉप-3 नामों में भी शामिल नहीं था। कौन हैं पुष्कर सिंह धामी और क्यों उन्हें ये जिम्मेदारी मिली है। आइये हम उनके बारे जानते है। 

पुष्कर सिंह धामी पिथौरागढ़ जिले के एक छोटे से गांव में पैदा हुए और उनके पिता एक पूर्व सैनिक हैं। फिलहाल धामी उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले की खटीमा सीट से विधायक हैं। वो नेपाल सीमा से सटी इस सीमांत सीट से लगातार दो बार विधायक चुने गए हैं। 

इससे पहले धामी छात्र नेता के तौर पर काफी सालों तक एबीवीपी में काम कर चुके हैं। इस दौरान वो छात्र संगठन के कई अहम पदों पर रहे। पुष्कर सिंह धामी इसके बाद भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।

पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री चुनने की सबसे बड़ी वजह है कि उनकी युवाओं में काफी अच्छी पकड़ है। क्योंकि उन्होंने युवाओं को रोजगार दिलाने को लेकर लगातार आवाज उठाई है और आंदोलन किए हैं। 

साथ ही धामी पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के काफी करीबी माने जाते हैं। इतना ही नहीं वो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और नैनीताल से सांसद अजय भट्ट के भी करीबी हैं। इसके अलावा आरएसएस के साथ भी धामी ने कुछ सालों तक काम किया है।

पुष्कर धामी ऐसे नेता बन चुके हैं, जो बिना मंत्री बने सीधे विधायक से मुख्यमंत्री बने हैं। कोरोनाकाल में जब जनता अपने नेताओं को ढूंढ़ रही थी। उस वक्त पुष्कर सिंह धामी अपनी विधानसभा में काफी एक्टिव थे।

वे उधम सिंह नगर की खटीमा विधानसभा सीट से विधायक हैं। भाजपा विधायक दल ने भाजपा मुख्यालय में हुई बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम की घोषणा की। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेरी पार्टी ने एक सामान्य से कार्यकर्ता को सेवा का अवसर दिया है। जनता के मुद्दों पर हम सबका सहयोग लेकर काम करेंगे।