Jansandesh online hindi news

खतरनाक वेरिएंट Omicron के बढ़ते संक्रमण को रोका नहीं जा सकता...., विशेषज्ञ की टिप्पणी से बढ़ी दहशत !

 

कोरोना वायरस के नए और खतरनाक वैरिएंट Omicron के बढ़ते संक्रमण को रोका नहीं जा सकता है। केरल में कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर बनी विशेषज्ञों की एक कमेटी के डॉक्टर ने यह बात कही है। कमेटी में शामिल डॉक्टर डीएस अनिस ने यह भी बताया कि Omicron के मामले हर दो दिन में दोगुने हो जा रहे हैं।
 | 
खतरनाक वेरिएंट Omicron के बढ़ते संक्रमण को रोका नहीं जा सकता...., विशेषज्ञ की टिप्पणी से बढ़ी दहशत !

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के नए और खतरनाक वैरिएंट Omicron के बढ़ते संक्रमण को रोका नहीं जा सकता है। केरल में कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर बनी विशेषज्ञों की एक कमेटी के डॉक्टर ने यह बात कही है। कमेटी में शामिल डॉक्टर डीएस अनिस ने यह भी बताया कि Omicron के मामले हर दो दिन में दोगुने हो जा रहे हैं।

मीडिया से बात करते हुए डॉक्टर अनिस ने कहा कि, 'ग्लोबल ट्रेंड से यह पता चलता है कि 2-3 सप्ताह में Omicron के मामले 1000 तक पहुंच जा रहे हैं और हो सकता है कि 2 माह में यह आंकड़ा 10 लाख तक पहुंच जाए। भारत में इस संक्रमण के विस्फोट को रोकने के लिए हमारे पास एक माह से अधिक का समय नहीं है। हमें इसे रोकना होगा।'

उन्होंने यह भी कहा कि देश में अधिकतर मामले प्रवासियों से संबंधित हैं। कमेटी के डॉक्टर ने आगाह करते हुए कहा कि, 'हम भारत में संक्रमण को फैलने से नहीं रोक सकते। हमारे पास अपने सिस्टम को पुनः सक्रिय करने के लिए 1 माह का वक़्त है। ताकि स्थिति हमारे साथ से निकल न जाएं।'

उन्होंने कहा कि यदि हम अपने सिस्टम का इस्तेमाल वक़्त पर करते हैं तो भी भारत जैसे देश में Omicron के संक्रमण के बढ़ने की आशंका बहुत अधिक है। बता दें कि केरल में अब तक ओमिक्रॉन के 35 से अधिक केस दर्ज किए जा चुके हैं। भारत में Omicron वेरिएंट ने केंद्र और विभिन्न राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकार को चिंता में डाल दिया है। अब तक देश के 15 से अधिक राज्यों में इस वेरिएंट के मामले मिले हैं। कई राज्यों में ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के मद्देनज़र पाबंदियों की वापसी भी होने लगी है।

Text Example

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।