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भारत में तीसरी लहर का खतरा अभी से आहट देने लगा

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भारत में तीसरी लहर का खतरा अभी से आहट देने लगा

कोरोना के केस ने पिछले एक-दो हफ्तों में यूरोप और एशिया के कई देशों में रफ्तार बढ़ा ली है. एक्सपर्ट इसे कोरोना की तीसरी लहर की आहट बता रहे हैं. भारत में भी अगले महीने तक कोरोना की तीसरी लहर की आशंका हेल्थ एक्सपर्ट जता रहे हैं. देखते हैं क्या है भारत, पड़ोसी देशों और दुनिया के बाकी देशों में कोरोना का नया ट्रेंड.

भारत समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना महामारी की दूसरी लहर थमी हुई दिख रही है लेकिन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. दुनिया के आंकड़े देखें तो हर रोज अभी भी साढ़े पांच लाख नए मरीज सामने आ रहे हैं और साढ़े आठ हजार मौतें कोरोना से हो रही हैं. दुनिया में अभी कोरोना के एक करोड़ 27 लाख एक्टिव मरीज हैं जो कि जून के मध्य में घटकर 1 करोड़ 16 लाख के लेवल पर आ गए थे. लेकिन अब इंडोनेशिया, ब्रिटेन, फिलीपींस जैसे कई देश नई लहर का सामना कर रहे हैं जबकि इटली, ऑस्ट्रेलिया और भारत जैसे देशों के नए इलाकों में कोरोना के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. एक्सपर्ट इस नए ट्रेंड को कोरोना की तीसरी लहर की आहट बताने लगे हैं.

नीति आयोग के सदस्य(स्वास्थ्य) डॉ. वी. के. पॉल ने कहा है कि भारत को खास तौर से ऐसे हालात में सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि हम हर्ड इम्युनिटी तक नहीं पहुंच सके हैं. केंद्र सरकार ने कहा कि कोरोना की इस लहर को रोकने के लिए अगले 125 दिन काफी अहम हैं. सरकार इसके लिए वैक्सीनेशन पर जोर दे रही है. देश में अब तक 40 करोड़ लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग चुकी है लेकिन संक्रमण पर लगाम लगती नहीं दिख रही.

भारत में कब तीसरी लहर?

भारत में जहां दूसरी लहर से अभी राहत दिख रही है वहीं रोजाना 40 हजार के करीब नए मरीज अभी भी सामने आ रहे हैं और 500 के करीब मौतें हो रही हैं. लेकिन तीसरी लहर का खतरा अभी से आहट देने लगा है. ICMR के डिवीजन ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिकेबल डिजीज के प्रमुख डॉक्टर समीरन पांडा ने आशंका जाहिर की है कि अगस्त के अंत तक कोरोना वायरस की तीसरी लहर देश में आ सकती है. शुक्रवार को 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में भी इस खतरे की ओर इशारा करते हुए कहा कि देश तीसरी लहर के मुहाने पर खड़ा है. पीएम मोदी ने कहा कि दूसरी लहर से पहले जनवरी-फरवरी में हम जिस हालात में थे आज फिर वहीं खड़े हैं और थोड़ी सी भी लापरवाही फिर भारी पड़ सकती है.

भारत में चिंता का विषय

भारत में अभी रोजाना के केस 40 हजार के आसपास बने हुए हैं और अप्रैल की लहर थमती दिख रही है लेकिन केरल-महाराष्ट्र-तमिलनाडु में कोरोना संक्रमण का काबू में नहीं आना, तमिलनाडु और बंगाल जैसे राज्यों में नया उभार और पूर्वोत्तर के राज्यों में कोरोना का ताजा प्रसार चिंता बढ़ा रहा है. इसके अलावा डेल्टा वैरिएंट के बढ़ते केस, 15 से अधिक राज्यों में डेल्टा प्लस वैरिएंट के केस सामने आने और राजस्थान में आए कप्पा वैरिएंट के केस नई लहर का संकेत दे रही है. एक्सपर्ट अगस्त के आखिर में कोरोना की तीसरी लहर का अनुमान जता रहे हैं.

हाल के दिनों में लॉकडाउन के नियमों में मिली ढील के बाद बाजारों में जैसी भीड़ और लापरवाही दिख रही है, इसके अलावा हिमाचल और उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों में जैसी भीड़ दिखी वो आने वाले खतरे को और बढ़ा सकती है. देश में भले ही 40 करोड़ से अधिक लोगों को वैक्सीन की एक डोज लग चुकी है लेकिन आबादी के हिसाब से ये बहुत ज्यादा नहीं है. इसके साथ ही तीसरी लहर में बच्चों को लेकर खतरे की आशंकाएं जताई जा रही हैं जबकि बच्चों का वैक्सीनेशन अबतक शुरू नहीं हो पाया है. ऐसे में तमाम एक्सपर्ट अभी से चेत जाने की सलाह दे रहे हैं ताकि अप्रैल-मई जैसी तबाही भारत में फिर से न दिखे.