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तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन राज्यसभा से Suspended, फेंकी रूल बुक

Derek O’Brien को मंगलवार को राज्यसभा से पूरे शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित (Suspended) कर दिया गया है. उन्हें अमर्यादित व्यवहार (unruly behaviour) के कारण सदन से निलंबित किया गया है. ब्रायन पर आरोप है कि उन्होंने राज्यसभा में चेयर की तरफ रूल बुक फेंकी. ब्रायन ने चुनाव सुधार से जुड़े नए बिल पर बहस के दौरान रूल बुक चेयर की तरफ फेंकी. इस मामले में भूपेंद्र यादव और पीयूष गोयल ने आपत्ति भी दर्ज कराई है.
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तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन राज्यसभा से Suspended, फेंकी रूल बुक

 नई दिल्ली. तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन (Derek O’Brien) को मंगलवार को राज्यसभा से पूरे शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित (Suspended) कर दिया गया है. उन्हें अमर्यादित व्यवहार (unruly behaviour) के कारण सदन से निलंबित किया गया है. ब्रायन पर आरोप है कि उन्होंने राज्यसभा में चेयर की तरफ रूल बुक फेंकी. ब्रायन ने चुनाव सुधार से जुड़े नए बिल पर बहस के दौरान रूल बुक चेयर की तरफ फेंकी. इस मामले में भूपेंद्र यादव और पीयूष गोयल ने आपत्ति भी दर्ज कराई है.

निलंबन के बाद डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट किया है. उन्होंने कहा-पिछली बार जब मैं राज्यसभा में निलंबित हुआ था तब भी सरकार जबरिया नए कृषि कानून लेकर आई थी. अब हम सब देख रहे हैं कि उसका क्या हुआ. आज मैं तब सस्पेंड हुआ जब बीजेपी जबरदस्ती नया बिल पास कर रही थी. मैं इसके विरोध में था. उम्मीद करता हूं कि ये बिल भी जल्दी ही वापस ले लिया जाएगा.

बता दें कि बीते 29 नवंबर को कांग्रेस, टीएमसी, शिवसेना, सीपीआईएम और सीपीआई के 12 सांसदों को पूरे शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था. राज्यसभा ने एक नोटिस भेजकर सूचित किया था कि मानसून सत्र के आखिरी दिन कई दलों से 12 सांसदों ने ना केवल हंगामा किया बल्कि सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ जानबूझकर हिंसा करने की कोशिश की. इसके बाद नियम नियम 256 के अनुसार सदस्यों को सत्र के बाकी बचे समय के लिए निलंबित कर दिया गया.

सांसदों का निलंबन वापस लेने की मांग को लेकर विपक्षी दल लगातार सदन में हंगामा कर रहे थे और सरकार के फैसले को असंवैधानिक बता रहे थे. इसे लेकर शीतकालीन सत्र में लगातार गतिरोध बना रहा है. हालांकि केंद्र सरकार इस पर गतिरोध खत्म करने का प्रयास कर रही है.

संसदीय इतिहास में लोकसभा में सबसे बड़ा निलंबन 1989 में हुआ था. सांसद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या पर ठक्कर कमीशन की रिपोर्ट को संसद में रखे जाने पर हंगामा कर रहे थे. अध्यक्ष ने 63 सांसदों को निलंबित कर दिया था. निलंबित सदस्यों के साथ अन्य 04 सांसद भी सदन से बाहर चले गए.

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