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वैक्सीन से लगता है डर! शहर-शहर हो रहा है बवाल क्यों जाने?

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वैक्सीन से लगता है डर! शहर-शहर हो रहा है बवाल क्यों जाने?

कोरोना के कहर को कम करने के लिए देशव्यापी वैक्सीनेशन का अभियान चल रहा है. टीकाकरण की धीमी रफ्तार एक बड़ी समस्या है, लेकिन इससे बड़ी परेशानी अब वैक्सीन को लेकर उड़ रही अफवाहों को लेकर आ रही है. देश के अलग-अलग हिस्सों में ग्रामीण वैक्सीन लगवाने से मना कर रहे हैं, कहीं अंधविश्वास को तवज्जो दी जा रही है तो कुछ जगह ऐसी हैं जहां वैक्सीनेशन टीम पर ही हमला हो रहा है. 

आगर मालवा में फल-सब्जी बेचने के लिए वैक्सीन जरूरी

वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने के लिए आगर मालवा इलाके ने लोगों में जागरुकता बढ़ाने का काम किया. जब लोगों ने टीका लगवाने में फिर भी हिचक दिखाई, तब प्रशासन ने फल-सब्जी मंडी का दौरा किया. यहां फल-सब्जी विक्रेताओं से कहा गया है कि जो वैक्सीन नहीं लगवाएगा, उन्हें दुकान नहीं खोलने दी जाएगी. 

कन्नौज में वैक्सीन नहीं तो बिजली नहीं

उत्तर प्रदेश के कन्नौज के एक गांव में वैक्सीनेशन के मसले पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया. यहां के बीरपुर गांव में जब लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई तो प्रशासन ने उनके घर की बिजली कटवा दी. ग्रामीणों के इस आरोप पर प्रशासन ने इनकार किया है. ग्रामीणों को आरोप है कि प्रशासन ने वैक्सीन ना लगवाने पर सरकारी योजनाओं से नाम कटवाने की बात कही है. 

कानपुर देहात में माइक लेकर निकले प्रधान

कानपुर के ग्रामीण इलाकों में गांव वाले वैक्सीन लगवाने से बच रहे हैं. अपील करने के बाद भी लोग टीकाकरण केंद्र नहीं पहुंच रहे हैं. ऐसे में अब कुछ गांवों में प्रधानों ने मोर्चा संभाला है, यहां प्रधान खुद माइक लेकर घूम रहे हैं और लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील कर रहे हैं. हर किसी को समझाया जा रहा है कि टीका लगवाने से कोई खतरा नहीं है. 

बिहार के खगड़िया में अधिकारियों को वापस लौटाया

बिहार के खगड़िया में बीते दिनों जब स्वास्थ्य अधिकारियों की एक टीम गांववालों को वैक्सीन के बारे में समझाने गई, तो महिलाओं समेत ग्रामीणों ने उनका विरोध किया. यहां ग्रामीणों ने अधिकारियों की गाड़ी पर कीचड़ डालनी शुरू कर दी, जब अधिकारी समझाने के लिए आए तो धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई. 

आपको बता दें कि देश के अलग-अलग हिस्सों से इसी प्रकार की खबरें आ रही हैं. कुछ जगह लोग कोरोना को भगाने के लिए हवन कर रहे हैं, तो कहीं परियों द्वारा पानी छिड़कने पर भरोसा कर रहे हैं. ऐसे में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि लोगों में वैक्सीन के प्रति भरोसा जगाया जाए.