Jansandesh online hindi news

 UP में फिर सत्ता में वापसी या बदलेगा राज, दिल्ली में रहा चल मंथन ?

 | 
 UP में फिर सत्ता में वापसी या बदलेगा राज, दिल्ली में रहा चल मंथन ?

चुनावी दंगल ने रफ्तार पकड़ ली है। सरगर्मियों के इस दौर में आज बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई. दो साल बाद होने वाली कार्यकारिणी बैठक का खास फोकस 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों पर रहा, लेकिन सबसे ज्यादा जोर उत्तर प्रदेश पर रहा। पार्टी का लक्ष्य देश के सबसे बड़े राज्य में सत्ता में वापसी का है, इसके लिए केंद्र राज्य दोनों स्तर पर बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक रखी है। राममंदिर और विकास योजनाओँ के सहारे योगी और मोदी सरकार यूपी के वोटर के दिल का रास्ता बनाने में जुटे हैं।

उत्तर प्रदेश में चुनावी दंगल ने रफ्तार पकड़ ली है। सरगर्मियों के इस दौर में आज बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई. दो साल बाद होने वाली कार्यकारिणी बैठक का खास फोकस 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों पर रहा, लेकिन सबसे ज्यादा जोर उत्तर प्रदेश पर रहा। पार्टी का लक्ष्य देश के सबसे बड़े राज्य में सत्ता में वापसी का है, इसके लिए केंद्र राज्य दोनों स्तर पर बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक रखी है। राममंदिर और विकास योजनाओँ के सहारे योगी और मोदी सरकार यूपी के वोटर के दिल का रास्ता बनाने में जुटे हैं।

सत्ता में वापसी को बेकरार बीजेपी किसी भी मोर्चे को कमजोर छोड़ने का खतरा मोल नहीं लेना चाहती लिहाजा हर मोर्चे पर चुस्त रणनीतियां तैयार की जा रही हैं. अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण और ‘जय श्री राम' नारे को बीजेपी अगले साल होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में प्रमुख मुद्दा बना सकती है। कैडर वोट बैंक के साथ अपने जुड़ाव को मजबूत कर रहे हैं और मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके प्रमुख अखिलेश यादव को निशाना बना रहे है।

बीजेपी के एक दिग्गज राष्ट्रीय नेता का कहना है, ‘हमारे लिए भगवान श्री राम और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कभी भी चुनावी एजेंडा नहीं था, बल्कि एक ऐसा मुद्दा था जिसने हमें भारतीय राजनीति में एक बार अलग-थलग कर दिया था। यह बताना जरूरी है। इससे जुड़ी उपलब्धियों के बारे में जनता को बताएं।’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 नवंबर को अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों में बोलते हुए दावा किया कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को कोई नहीं रोक सकता और यह 2023 तक भक्तों के लिए तैयार हो जाएगा। उन्होंने लोगों को 1990 में कारसेवकों के नरसंहार की याद दिलाते हुए कहा, ‘31 साल पहले अयोध्या में क्या हो रहा था? 30 अक्टूबर और 2 नवंबर, 1990 को राम भक्तों को बर्बर तरीके से निकाल दिया गया था। लाठीचार्ज भी किया गया था। उस समय जय श्री राम के नारे को अपराध माना जाता था।’

Text Example

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।