Ganesh Chaturthi 2022- इस गणेश चतुर्थी पर जाने आपके शरीर का कौन सा अंग है गणपति का वरदान

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Ganesh Chaturthi 2022- इस गणेश चतुर्थी पर जाने आपके शरीर का कौन सा अंग है गणपति का वरदान

Happy ganesh chaturthi


Ganesh Chaturthi 2022: आज पूरा देश गणेश चतुर्थी का उत्सव मना रहा है। लोग खुशी खुशी बप्पा को अपने घर लेकर आए हैं। विधि विधान से सभी लोग अपने घरों में गणेश जी की स्थापना कर उनकी पूजा कर रहे हैं। वही धामिर्क ग्रन्थों के मुताबिक गणेश जी का स्वभाव बेहद शांत है। वह जल्द ही अपने भक्तों से प्रसन्न हो जाते हैं और उनकी मनोकनाओं को पूरा करते हैं। कहते है जो भी सच्चे मन से गणेश जी की पूजा आराधना करता है उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और घर मे सुख सम्रद्धि का वास होता है।

वही अगर हम भगवान गणेश के शरीर की बात करे तो उसके शरीर मे कई बड़े रहस्य छुपे हुए हैं। भगवान गणेश का एक एक अंग रहस्यमयी है। यह हमारे जीवन को सरल बनाने का उपाय अपने भीतर छुपाये हुए हैं। वही अगर हम इनके बताए गए मार्ग के मुताबिक काम करते हैं तो इससे हमारी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। तो आइये जानते हैं गणपति बप्पा की शरीरिक आकृति का क्या सम्बंध है हमारे जीवन से...

बड़े बड़े कान- 

सभी ने देखा होगा की गणेश जी के काम काफी बड़े बड़े होते है। वही धर्म ग्रन्थों के मुताबिक गणेश जी के बड़े कानो की तरह कुछ लोगो के कान काफी बड़े होते हैं। जिन लोगो के कान बड़े होते हैं उन्हें भाग्यशाली बताया गया है। कहा जाता है वह सौभाग्य लेकर जन्मे होते हैं। उन्हें कभी किसी कष्ट का सामना नही करना पड़ता है और उनकी आयु दीर्घकालिक होती है। यह अपनी बुद्धि के बलबूते पर वह सब हासिल कर लेते हैं जिसकी लोग कल्पना नही करते हैं। यह समस्या तौर पर बुराई से काफी दूर रहते हैं।

चौड़ा मस्तक-

सभी ने देखा है कि गणेश जी का मस्तक काफी चौड़ा और बड़ा होता है। वही मनुष्य भी कुछ ऐसे होते हैं जिनका मस्तक काफी चौड़ा और बड़ा होता है। धर्म ग्रन्थों में कहा गया है कि जिन मुनष्यों का मस्तक काफी चौड़ा और बड़ा होता है। वह बुद्धिमान होते हैं। उनके पास वैभव होता है। वह अपनी बुद्धि का उपयोग कर लोगो को खुद से बांधकर रखते हैं। बड़े मस्तक वाले लोगो के पास ज्ञान का भंडार होता है। यह लोग दूसरों की सोच से एक कदम आगे चलते हैं। जिसके कारण इन्हें कभी भी कोई नुकसान नही पहुंचा सकता है।

टूटा दांत-

धार्मिक ग्रन्थों में कहानी वर्णित है कि बाल्यकाल में भगवान गणेश का परशुरामजी से युद्ध हुआ था। इस युद्ध में परशुराम ने अपने फरसे से भगवान गणेश का एक दांत तोड़ दिया और वे एकदंत कहलाने लगे। गणेश जी ने अपने टूटे हुए दांत से पूरी महाभारत लिख डाली थी। उनके इस काम ने उनकी बुद्धि का परिचय दिया और सदुपयोग का संदेश दिया। वही कहा जाता है जिन लोगो का एक दांत टूटा होता है वह चीजो का सदुपयोग करना जानते हैं। उनके मन मे हार का भय नही होता। वह हर परिस्थिति में सिर्फ एक लालसा रखते हैं जीतने की। उनके कोई परास्त नही कर पाता और वह अपने दृढ़संकल्प से हर मुकाम हासिल कर लेते हैं।

छोटी आंख-

गणेश जी की आंखे छोटी होती है। वही धार्मिक ग्रन्थों में छोटी आंख वाले व्यक्ति को चिंतनशील बताया गया है। कहा जाता है जिस व्यक्ति की आंखे छोटी होती है वह निरंतर विचार में डूबे रहते हैं। उन्हें कभी किसी प्रकार का कष्ट नही होता। वह एक भी कदम बढ़ाने से पहले सोच समझ लेते हैं और फिर आगे बढ़ते हैं। उनकी निरंतर आगे बढ़ने की प्रवृत्ति उन्हें काफी आगे ले जाती है और उन्हें हर चीज के पीछे की कहानी जानने के लिए प्रेरित करती है।
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