विवाह करते समय ध्यान रखे यह बातें नही तो झेलना पड़ेगा कष्ट

जनसंदेश ऑनलाइन ताजा हिंदी ख़बरें सबसे अलग आपके लिए

  1. Home
  2. अध्यात्म एवं ज्योतिष

विवाह करते समय ध्यान रखे यह बातें नही तो झेलना पड़ेगा कष्ट

विवाह करते समय ध्यान रखे यह बातें नही तो झेलना पड़ेगा कष्ट


आध्यत्मिक- हिन्दू धर्म मे विवाह को महत्वपूर्ण बताया गया है। कहते हैं यह एक संस्कार है जो इस संसार को एक सूची में बांधे हुए हैं। विवाह के माध्यम से लोगो का एक दूसरे से जुड़ाव होता है और आपसी संबंधों में मधुरता आती है।
कुछ लोगो के लिए जहां विवाह खुशियां लेकर आता है। वही कई लोगो का जीवन विवाह के बाद बेहद दुखदाई होता है। लेकिन क्या आपको पता है की आपका वैवाहिक जीवन सुख से व्यतीत हो इसके लिए पहले से ही ज्योतिष शास्त्र में कुछ नियम बताए गए हैं। अगर आप कुंडली मिलान के साथ साथ इन विशेष नियमो का पालन करते हैं तो आपका जीवन खुशियों से भर जाता है।

जाने वैवाहिक जीवन को खुशहाल बनाने के लिए ध्यान रखने योग्य बातें....

अगर लड़का या लड़की गर्भोत्पन्न है। तो उसके वैवाहिक जीवन को उसके जन्म के दिन या उस नक्षत्र में नही करना चाहिए।
अगर घर मे किसी का विवाह हुआ है। तो उसके 6 माह बाद तक घर मे दूसरा विवाह नही करना चाहिए। इसे अशुभ माना जाता है।
अगर आप अपने पुत्र का विवाह कर चुके हैं और आपकी पुत्री का विवाह तय है। तो आपको 6 माह तक पुत्री का विवाह नही करना चाहिए।
बड़े पुत्र या पुत्री का विवाह जेष्ठ माह में नहीं करना चाहिए।
विवाह लग्न के मुताबिक ही करना चाहिए। 
विवाह करते समय कुंडली जरूर मिलवाये। अगर कुंडली नही मिल रही हो तो विवाह के बाद घर मे पूजा पाठ अवश्य करवाना चाहिए।
Text Example

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

और पढ़ें -

राष्ट्रीय

उत्तर प्रदेश