जाने सफल और सुखी होने के संदर्भ में क्या कहते हैं आचार्य चाणक्य

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जाने सफल और सुखी होने के संदर्भ में क्या कहते हैं आचार्य चाणक्य

जाने सफल और सुखी होने के संदर्भ में क्या कहते हैं आचार्य चाणक्य


आध्यात्मिक- आचार्य चाणक्य को सर्वश्रेष्ठ, ज्ञानी और बेहतर मार्गदर्शक माना गया है। कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति आचार्य चाणक्य के बातए हुए मार्ग पर चलता है तो उसका जीवन सफल हो जाता है और उसे अपने जीवन मे कभी भी कठिनाइयों से नहीं जूझना पड़ता है।
वहीं आचार्य चाणक्य का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति में यह 3 आदतें हैं। तो वह न दूसरों का हित सोच सकता है और न ही अपने जीवन मे कभी सफल हो सकता है। उसकी यह आदतें उसके जीवन को नष्ट कर देतीं हैं और उस व्यक्ति को अपने सम्पूर्ण जीवन कष्ट झेलना पड़ता है।
आचार्य चाणक्य के मुताबिक यदि एक व्यक्ति लालच करता है और स्वयं की चीजों में संतुष्ट नहीं रहता है। तो उसे अपने पूरे जीवन कष्ट झेलना पड़ता है और वह दूसरों का सुख देखकर दुखी होता रहता है। व्यक्ति का लालची स्वभाव उसे कभी आगे नहीं बढ़ने देता और वह दूसरों के धन को देखर परेशान होता रहता है।
आचार्य चाणक्य के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति बार- बार झूठ बोलता है और अपने झूठ के बलबूते पर अपनी सफलता के लक्ष्य को साधने का प्रयास करता है। तो उसे सफलता कभी हासिल नहीं होती और उसके झूठ से रिश्ते में खटास आ जाती है।
आचार्य चाणक्य के मुताबिक जीवन मे सुख के लिए यह तत्व सबसे अधिक आवश्यक है। उनका कहना है यदि कोई व्यक्ति सुख और सफलता दोनों हासिल करना चाहता है। तो उसे संतुष्ट होने का स्वभाव स्वयं में विकसित करना चाहिए। क्योंकि जो व्यक्ति संतुष्ट हैं वही सफल और सुखी है।

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