सत्य और समर्पण से बनते हैं मजबूत रिश्ते

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सत्य और समर्पण से बनते हैं मजबूत रिश्ते

सत्य और समर्पण से बनते हैं मजबूत रिश्ते


ज्ञान- आज दुनिया मतलब की साथ है। लोग यदि आपसे जुड़े हैं तो उसमें उनका स्वार्थ है। इस संसार मे कुछ भी बिना मतलब के नहीं होता। 
वहीं अगर आप इस मतलब की दुनिया मे किसी से सच्चा रिश्ता बनाना चाहते हैं। तो आपको उसके लिए संघर्ष करना पड़ेगा और रिश्ते को समर्पण के पानी से सींचना पड़ेगा।
क्योंकि कोई भी रिश्ता मजबूत रक्त सम्बंध या कहने मात्रा से नहीं बनता। रिश्ते को ह्रदय से जोड़ने और उसे मजबूत बनाने के लिए आपको सत्य और समर्पण के साथ अपने रिश्ते को मजबूत बनाना पड़ता है। 
क्योंकि सत्य और समर्पण की नींव पर खड़े रिश्ते की इमारत निस्वार्थ होता है और इस रिश्ते में अपनापन और प्रेम होता है। सत्य और समर्पण की नींव पर बना रिश्ता छल कपट से दूर रहता है और यह रिश्ता आपको कभी तकलीफ नहीं देता है।

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