क्यों व्यक्ति सब छोड़ देता है लेकिन ईर्ष्या नहीं

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क्यों व्यक्ति सब छोड़ देता है लेकिन ईर्ष्या नहीं

क्यों व्यक्ति सब छोड़ देता है लेकिन ईर्ष्या नहीं


ज्ञान- आज समाज मे सब कुछ बदल गया है। अब लोग किताबो से अधिक तकनीकी में दिमाग लगाते है। अपना अधिक से अधिक समय सोशल मीडिया पर बिताते हैं। 
वैसे तो आज के दौर में लोगों को समाज, दुनिया या किसी के व्यक्तिगत जीवन से कोई मतलब नही रहता है। लेकिन यदि कोई व्यक्ति सफल हो रहा है। तो लोगों को उस व्यक्ति के प्रति ईर्ष्या अवश्य रहती है।
समाज में लोगों का जहां हर चीज से मुह मोड़ चुके हैं। वहीं यह लोग ईर्ष्या से मुह नही मोड़ पा रहे हैं। लोगों की ईर्ष्या उनका कष्ट बन रही है। लेकिन इसके बाद भी लोग ईर्ष्या करना नही छोड़ते। लोग इतने ईर्ष्यालु हैं कि जिस व्यक्ति का उनसे कोई संबंध नहीं है। वह उसे जानते तक नहीं तब भी उससे ईर्ष्या करते रहते हैं।
वहीं यह ईर्ष्या लोगों की सबसे बड़ी दुश्मन बन जाती है। समय के साथ लोगों की सफलता में बाधा बनती है और लोग स्वयं पर ध्यान केंद्रित करने की जगह दूसरों से ईर्ष्या की करते रहते हैं। ईर्ष्या इतनीं प्रभावशाली होती है कि आप नकारात्मक सोच से घिर जाते हैं और आपको व्यक्ति की अच्छाई नही दिखाई देती।
वहीं आप इसके वशीभूत ऐसे हो जाते हैं कि आपको संसार मे दूसरों की सफलता से ईर्ष्या करनें के अलावा कुछ नही दिखाई देता है। लोग परिवर्तित होते हैं और आप ईर्ष्या के कारण वहीं रह जाते हैं और धीरे धीरे यह ईर्ष्या आपकी सफलता के सभी द्वार बन्द कर देती है।

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