जानें सत्य कितना सर्वोच्च है

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जानें सत्य कितना सर्वोच्च है

जानें सत्य कितना सर्वोच्च है


ज्ञान- जब एक व्यक्ति सत्य बोलता है और सत्य को अपना आधार बनाकर जीवन जीना आरम्भ करता है। तो उसे कई प्रकार की समस्याओ से जूझना पड़ता है। लोग उस व्यक्ति के विरोधी हो जाते हैं।
 हर कोई उसकी आलोचना करता है। लेकिन उस व्यक्ति का सत्य उसके माथे पर सदैव चमकता रहता है और यही सत्य उसकी सफलता बनाता है।
लेकिन आज के समय मे लोग सत्य बोलने से डरते हैं और बार बार झूठ बोलते रहते हैं। लेकिन आपको एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि झूठ का प्रभाव लम्बे समय तक नहीं टिक सकता। 
जो व्यक्ति सत्य से भागता है उसका पूरा जीवन झूठ के इर्द गिर्द ही फस जाता है। एक बात को छुपाने के लिए उसे हजारों झूठ बोलने पड़ते हैं और एक समय आता है जब झूठ के प्रभाव से पर प्रताड़ित होने लगता है और उसका झूठ सभी के सामने उसे निराश करता है।
ज्ञानात्माओं का कहना है सत्य भले ही कितना कठोर हो। लेकिन जब सत्य तुम्हारे चेहरे पर चमकता है तो आप कभी सदैव सफल होते हैं और लोगों की भीड़ में अलग पहचान बनाते हैं। 
सत्य व्यक्ति को सर्वोच्च बनाता है। वहीं झूठ व्यक्ति की वास्तविक छवि को धूमिल करता है। यह कीचड़ है जो व्यक्ति के व्यक्तित्व को गंदा करता है और उसे जीवन पर्यंत दुख देता रहता है।

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