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शनि देव को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका

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शनि देव को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका

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शनि देव को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका
शनि देव को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका

शनि देव, हिन्दू धर्म में एक प्रमुख देवता हैं। वे नवग्रहों (नौ ग्रहों) में से एक हैं और ज्योतिष शास्त्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शनि देव को सबसे अधिक शुभ और आदर्श देवता माना जाता है जब वे अद्यतन और क्षमा व्यक्त करते हैं, लेकिन उन्हें क्रूर और न्यायप्रिय देवता के रूप में भी जाना जाता है जब वे विनाश और शास्त्रीय न्याय का प्रतीक होते हैं।

शनि देव को ज्योतिष शास्त्र में कर्मफल का प्रतीक माना जाता है। उनके प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में संकट, परिश्रम, परीक्षा और संघर्ष के समय आ सकते हैं, लेकिन उनकी कृपा और आशीर्वाद से उन्हें संघर्षों से बाहर निकालकर सफलता और स्थिरता की प्राप्ति हो सकती है। व्यक्ति के जीवन में शनि देव की उपासना, व्रत और शनि ग्रह के दोषों को निवारण करने के उपाय भी किए जाते हैं।

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शनि देव को प्रसन्न करने का तरीका-

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए निम्नलिखित तरीके अनुसरण किए जा सकते हैं:

शनि देव की पूजा: शनि देव की नियमित पूजा करना उनके प्रसन्नता में महत्वपूर्ण होता है। आप उनकी मूर्ति, प्रतिमा या यंत्र को एक स्थान पर स्थापित करके पूजा कर सकते हैं। आप पूजा के लिए शनि देव के विशेष मंत्र जैसे "ॐ शं शनैश्चराय नमः" या "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः" का जाप कर सकते हैं।

शनिवार के व्रत: शनिवार को शनि देव को समर्पित व्रत रखना शनि की प्रसन्नता के लिए प्रभावी होता है। इस व्रत में आप शनि देव की पूजा करते हैं, उनके व्रत कथा सुनते हैं और उनके चरणों में अर्घ्य देते हैं।

दान: शनि देव को प्रसन्न करने का एक अच्छा तरीका दान करना है। आप काले कपड़े, तिल, तेल, उड़द दाल, लौंग, राई आदि को शनि देव के नाम पर दान कर सकते हैं। इससे आप शनि देव के आशीर्वाद को प्राप्त कर सकते हैं।

ग्रह शांति यज्ञ: शनि दोष के निवारण के लिए ग्रह शांति यज्ञ करवाएं। इसके लिए पंडित से संपर्क करें।

शनि देव की पूजा में नहीं करना चाहिए क्या काम-

शनि देव की पूजा करते समय निम्नलिखित कार्यों को नहीं करना चाहिए:

अपवित्र भोजन: शनि देव की पूजा के दौरान अपवित्र भोजन खाना नहीं चाहिए। अपवित्र भोजन में गोमांस, अंडे, धूल, शराब, मांसाहारी खाद्य पदार्थ, निम्बू, अमरूद, तिल, उड़द दाल, अदरक, प्याज आदि शामिल हो सकते हैं।

बालकों की देखभाल: शनि देव की पूजा करते समय बालकों की देखभाल करने चाहिए। यह शनि देव के द्वारा उनके प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है।

कपड़े धोना: शनि देव की पूजा करते समय कपड़े धोना नहीं चाहिए। यह धोबी धोखा देगा और शनि देव को नाराज कर सकता है।

शनिवार को ट्रिमिंग करना: शनि देव की पूजा के दिन अपने शरीर की ट्रिमिंग या बालों को काटने के लिए जाना नहीं चाहिए।

मित्रों के साथ अनीति से व्यवहार: शनि देव की पूजा के दिन अनीति से व्यवहार नहीं करना चाहिए। शनि देव की उपासना में अनुशासन और न्याय का महत्व है।