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ग्रहण कब और कहां पड़ेगा, जानिये इनके प्रभाव ।
 

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ग्रहण कब और कहां पड़ेगा, जानिये इनके प्रभाव ।

कोहिनूर तिवारी के साथ लव कौशिक की रिर्पोट 

बलौदा , जांजगीर चांपा 

2021 नया साल इस बार पुष्य नक्षत्र में शुरू हुआ है वहीं वर्ष 2021 में दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण पड़ेगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इनमें से कुछ ग्रहण भारत में दिखाई देंगे। वहीं, इस साल गुरु ग्रह के परिवर्तन से कुछ राशियों को फायदा भी हो सकता है।
ऐसे में जहां इनकी दृश्यता नहीं होगी, वहां इनका सूतक काल भी प्रभावी नहीं होगा लेकिन जहां इनकी दृश्यता होगी, वहां ग्रहण का प्रभाव हर प्राणी के ऊपर किसी न किसी रूप से ज़रूर ही पड़ने वाला है। ।
वर्ष 2021 में  10 जून और 4 दिसंबर को दो सूर्य ग्रहण होंगे। आने वाले वर्ष में धनु, मकर, कुंभ, राशि वालों पर साढ़ेसाती का प्रभाव बना रहेगा। मिथुन, तुला, राशि वालों को शनि की दृष्टि सताती रहेगी।


सूर्य ग्रहण 2021 (Surya Grahan 2021)
2021 में पहला सूर्य ग्रहण वर्ष के मध्य में, यानि 10 जून 2021 को घटित होगा तो वहीं साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर 2021 को घटित होगा।

: पहला सूर्य ग्रहण 2021
यह ग्रहण आज 10 जून 2021  को 13:42 बजे से शुरु होकर 18:41 बजे तक रहेगा। इसका दृश्य क्षेत्र उत्तरी अमेरिका के उत्तरी भाग, यूरोप और एशिया में आंशिक व उत्तरी कनाडा, ग्रीनलैंड और रुस में पूर्ण रहेगा।

ये सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इसलिए भारत में इस सूर्य ग्रहण का धार्मिक प्रभाव और सूतक मान्य नहीं होगा।

10 जून 2021 को लगने वाला सूर्य ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। वलयाकार सूर्य ग्रहण उस घटना को कहते हैं, जब चंद्र पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए, सामान्य की तुलना में उससे दूर हो जाता है। इस दौरान चंद्र सूर्य और पृथ्वी के बीच होता है, लेकिन उसका आकार पृथ्वी से देखने पर इतना नज़र नहीं आता कि वह पूरी तरह सूर्य की रोशनी को ढक सके। इस स्थिति में चंद्र के बाहरी किनारे पर सूर्य काफ़ी चमकदार रूप से रिंग यानि एक अंगूठी की तरह प्रतीत होता है। इस घटना को ही वलयाकार सूर्य ग्रहण कहते है।

: दूसरा सूर्य ग्रहण 2021
वर्ष 2021 का दूसरा व अंतिम सूर्य ग्रहण शनिवार,04 दिसंबर 2021 को 10:59 बजे से शुरु होकर 15:07 बजे तक रहेगा। यह ग्रहण अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, अटलांटिक के दक्षिणी भाग, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका में दिखाई देगा।

ये सूर्य ग्रहण भी भारत में नहीं दिखाई देगा। इसलिए भारत में इस सूर्य ग्रहण का धार्मिक प्रभाव और सूतक मान्य नहीं होगा।
यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। पूर्ण सूर्य ग्रहण उस स्थिति में होता है जब चंद्र,सूर्य और पृथ्वी के बीच में आकर सूर्य को ढक लेता है जिससे सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता है।