आखिर क्यों वैज्ञानिक सूरजमुखी को नही मानते फूल

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आखिर क्यों वैज्ञानिक सूरजमुखी को नही मानते फूल

आखिर क्यों वैज्ञानिक सूरजमुखी को नही मानते फूल


रोचक- सूरजमुखी का फूल सबसे अलग सबसे आकर्षक और सबसे अधिक मनमोहक है। इसे कई लोगो ने वास्तव में नही देखा होगा। लेकिन जिन लोगो ने इसे देखा है वह इसकी तारीफ करने से नही थकते। 
धरती पर यह एक मात्र ऐसा फूल है। जो एक ही दिशा में स्थिर नही रहता। इसकी दिशा सूर्य के घूमने में साथ बदलती रहती है। यानी जिधर सूर्य होता है यह भी उधर घूम जाता है। इसका यह स्वाभाव लोगो को खूब आकर्षित करता है। 
लेकिन वैज्ञानिक सूरजमुखी के फूल को फूल नही मानते। विज्ञानकों का कहना है कि यह फूल की परिभाषा पर खरा नही उतरता है। इस कारण यह फूल तो नही हो सकता है।
वैज्ञानिक इसे फूलों का गुच्छा कहते हैं। क्योंकि विज्ञानकों के मुताबिक फूल में पंखुड़ी होती है जो भरे रंग के भाग से जुड़ती है। लेकिन इसमे अनेको पंखुड़ियां है। 
विज्ञानकों ने दावा किया है कि फूल में एक बीच विकसित होता है। लेकिन सूरजमुखी के एक गुच्छे में हजारों बीच होते हैं। 
इस कारण यह एक फूल नही फूलों का गुच्छा है। इसे फूल कहना विज्ञानकों दृष्टिकोण से अनुचित है सूरजमुखी के फूल के नाम गिनीज रिकॉर्ड भी दर्ज है. दुनिया का सबसे लम्‍बा सूरजमुखी 30 फीट का रहा है।
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