खेलBCCI ने बनाया प्लान क्रिकेट में धोखाधड़ी रोकने के लिए, भारतीय खिलाड़ियों...

BCCI ने बनाया प्लान क्रिकेट में धोखाधड़ी रोकने के लिए, भारतीय खिलाड़ियों को दी हिदायत

[object Promise]

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ ने भारतीय क्रिकेट में चले आ रहे उम्र और मूलनिवास धोखाधड़ी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाया है। बीसीसीआइ भारत में क्रिकेट के खेल के लिए गवर्निंग बॉडी के रूप में यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है कि एज ग्रुप टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धात्मक भागीदारी के लिए एक स्तर सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त जांच और प्रोटोकॉल अपनाए जाएं।

क्रिकेट में उम्र और मूलनिवास धोखाधड़ी को रोकने के लिए BCCI ने अतिरिक्त उपायों को अपनाने का फैसला किया है, जो कि BCCI एज-ग्रुप टूर्नामेंट में भाग लेने वाले सभी क्रिकेटरों के लिए सीजन 2020-21 से लागू होंगे। Voluntary Disclosure योजना के तहत, ऐसे खिलाड़ी जो स्वेच्छा से घोषणा करते हैं कि उन्होंने पूर्व में फर्जी या छेड़छाड़ किए गए दस्तावेजों को जमा करके अपनी जन्मतिथि में हेरफेर किया है, उन्हें निलंबित नहीं किया जाएगा और यदि वे अपनी वास्तविक जन्म तिथि (DOB) का खुलासा करते हैं तो उपयुक्त एज-ग्रुप स्तर पर भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।

हालांकि, अगर पंजीकृत खिलाड़ी तथ्यों का खुलासा नहीं करते हैं और बीसीसीआइ द्वारा नकली या छेड़छाड़ किए गए डेट ऑफ बर्थ प्रूफ के दस्तावेज जमा किए गए पाए जाते हैं, तो उन्हें 2 साल के लिए बैन कर दिया जाएगा। 2 साल के निलंबन के पूरा होने के बाद उन्हें एज ग्रुप टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बीसीसीआइ के आयु वर्ग के टूर्नामेंटके साथ-साथ राज्य इकाइयों द्वारा आयोजित आयु वर्ग के टूर्नामेंट से भी उनको निलंबित रखा जाएगा। ऐसा इसी सीजन से होगा।

बीसीसीआइ ने साफ कर दिया है कि वरिष्ठ पुरुषों और महिलाओं सहित मूलनिवास() धोखाधड़ी करने वाले सभी क्रिकेटरों पर 2 साल का प्रतिबंध लगाया जाएगा। स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना उन क्रिकेटरों के लिए लागू नहीं होती है, जिन्होंने मूलनिवास धोखाधड़ी की है। BCCI अंडर -16 आयु वर्ग के टूर्नामेंट के लिए, केवल उन खिलाड़ियों को पंजीकृत किया जाएगा, जिनकी आयु 14-16 वर्ष के बीच है। वहीं, अंडर 19 खेलने के लिए जमा किए किसी खिलाड़ी के दस्तावेज में दो साल का अंतर पाया जाता है तो उसको भी दो साल के लिए एज-ग्रुप से बैन किया जाएगा।

इस बारे में बीसीसीआइ के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा है, “हम सभी आयु समूहों में एक समान मैदान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बीसीसीआइ उम्र में धोखाधड़ी का मुकाबला करने के लिए कदम उठा रहा है और अब आगामी घरेलू सत्र से भी सख्त कदम उठा रहा है। जो लोग अपने कुकृत्य का स्वेच्छा से खुलासा नहीं करते हैं उन्हें भारी सजा दी जाएगी और दो साल के लिए प्रतिबंध लगाया जाएगा।” वहीं, सचिव जय शाह ने कहा है कि बीसीसीआइ ने इस पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का फैसला किया है।

Hot this week

पुनर्नवीनीकरण चिकित्सा उपकरण: आत्मनिर्भर भारत के लिए खतरा या अवसर?

भारत में चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहे प्रयासों के बीच, पुनर्नवीनीकरण और पुराने चिकित्सा उपकरणों के आयात की अनुमति देने वाली नीति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं के संगठन, इमेजिंग, थेरेपी और रेडियोलॉजी उपकरण निर्माताओं के संघ, भारत के नैदानिक उपकरण निर्माताओं […]

बेलागवी दहशत: बच्चों का अपहरण और पुलिस का एनकाउंटर

बेलागवी में हुए बच्चों के अपहरण के मामले ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। शुक्रवार तड़के अथणी, बेलागवी जिले में पुलिस ने एक संदिग्ध को गोली मारकर घायल कर दिया, जो दो बच्चों के अपहरण में शामिल था। पुलिस ने अपहरण के बाद फरार हुए संदिग्धों की गाड़ी की पहचान करने के बाद […]

ईरान-इस्राइल तनाव: क्या है अगला कदम?

ईरान और इस्राइल के बीच हाल ही में हुए सैन्य संघर्ष ने क्षेत्रीय तनाव को काफी बढ़ा दिया है। इस्राइल द्वारा लगातार हवाई हमलों के बाद, ईरान ने प्रतिक्रिया देने की धमकी दी है, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए गंभीर चिंता पैदा […]

आंध्र प्रदेश में स्व-सहायता समूहों का उल्लेखनीय सशक्तिकरण

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के हर परिवार में एक उद्यमी बनाने के विजन के अनुरूप, एमएसएमई और ग्रामीण गरीबी उन्मूलन मंत्री,कोंडापल्ली श्रीनिवास ने सभी संबंधित विभागों से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया है। राज्य ग्रामीण गरीबी उन्मूलन एजेंसी कार्यालय में आज आयोजित एक समन्वय बैठक के दौरान, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के […]

Related Articles

Popular Categories