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छात्राओं का मोहभंग आइटीआइ में कटिंग एंड स्वीईंग टेक्नोलाजी से, पांच काउंसलिंग के बावजूद खाली रह गई 32 फीसद सीटें

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हल्द्वानी : सुविधाओं के अभाव में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) से अब युवा किनारा करने लगे हैं। यही कारण है कि इस बार पांच काउंसलिंग के बाद भी राज्य के 79 आइटीआइ की 32 फीसद सीटें खाली रह गई हैं। एक समय पर सबसे पसंदीदा ट्रेड ‘कटिंग एंड स्वीईंग टेक्नोलाजी’ से भी छात्राओं का मोहभंग हो गया है। कोरोना संक्रमण के चलते उत्तराखंड के सरकारी आइटीआइ में दाखिले की प्रक्रिया इस बार देरी से शुरू हुई थी। 8044 सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया आनलाइन संपन्न कराने के बाद तीन चरणों में आनलाइन काउंसलिंग शुरू की गई।

11,479 युवाओं ने एनसीवीटी (नेशनल काउंसलिंग फार वोकेशनल ट्रेनिंग) के तहत संचालित 32 ट्रेडों में दाखिले के लिए आनलाइन आवेदन किया था। तीन हजार युवा भी काउंसलिंग में नहीं पहुंचे। प्रशिक्षण निदेशालय की ओर से कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार के डायरेक्टर जनरल आफ ट्रेनिंग (डीजीटी) से आफलाइन काउंसलिंग की अनुमति मांगी। अनुमति मिलने के बाद 19 और 20 नवंबर को चौथे चरण की काउंसलिंग आफलाइन कराई गई। जिसमें युवाओं की अच्छी खासी दिलचस्पी दिखी और प्रवेश लेने वालों का आंकड़ा 4902 तक पहुंच गया। शेष सीटों को भरने के लिए एक बार फिर डीजीटी से आफलाइन काउंसलिंग की अनुमति मिली। इस काउंसलिंग में प्रवेश लेने वालों की संख्या 5509 तक ही पहुंच सकी। फिलहाल प्रशिक्षण निदेशालय की ओर से अब किसी भी तरह की कोई काउंसलिंग कराने का मन नहीं बनाया गया है। ऐसे में तय है कि नया सत्र 68 फीसद युवाओं के साथ ही शुरू करना पड़ेगा।

कटिंग एंड स्वीईंग टेक्नोलाजी में सबसे कम प्रवेश

निदेशालय के अफसरों की मानें तो राज्य भर में जिन आइटीआइ में कटिंग एंड स्वीईंग टेक्नोलाजी ट्रेड संचालित होता है वहां 50 फीसद से अधिक सीटें अब भी खाली है। यह एकमात्र ऐसा ट्रेड है जिसकी वजह से इस बार दाखिले काफी कम हुए हैं।

इन ट्रेडों का दिखा क्रेज

फिटर, टर्नर, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रिशियन, मैकेनिक, एयर कंडीशनिंग टेक्निशियन, ड्राफ्टमैन मैकेनिकल, ड्राफ्टमैन सिविल, इलेक्ट्रानिक्स मैकेनिक, वायरमैन, मैकेनिक मोटर व्हीकल, वैल्डर, कारपेंटर, सर्वेयर, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक आटो बाडी रिपेयर, कंप्यूटर आपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट जैसे ट्रेडों में इस बार युवाओं ने खासा दिलचस्पी ली है। इनमें से अधिकतर ट्रेडों में 95 फीसद से अधिक सीटों पर दाखिला लिया गया है।

नया सत्र 24 दिन देरी से शुरू

डीजीटी की ओर से 15 दिसंबर से आइटीआइ का नया सत्र शुरू करने की अनुमति प्रशिक्षण निदेशालय को दी थी। जिसके बाद पढ़ाई शुरू कर दी गई है। जबकि पूर्व में नया सत्र 21 नवंबर से शुरू किया जाना था।

 

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