प्रदेशसीबीआई की सुशांत मामले में चुप्पी पर सवाल उठाना है तो हाईकोर्ट...

सीबीआई की सुशांत मामले में चुप्पी पर सवाल उठाना है तो हाईकोर्ट जाएं : सुप्रीम कोर्ट

[object Promise]

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले की जांच पर सीबीआई को स्टेटस रिपोर्ट देने का निर्देश देने की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना और वी. रामासुब्रमण्यम के साथ ही प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता पुनीत कौर ढांडा की ओर से वकील विनीत ढांडा के माध्यम से दायर याचिका को खारिज कर दिया।

पीठ ने कहा, “हम इस याचिका पर विचार नहीं करने जा रहे हैं। आप हाईकोर्ट जाएं।”

पुनीत ढांडा द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि चार महीने पहले शीर्ष अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह अभिनेता की मौत के मामले में जांच करे, लेकिन तब से अब तक कुछ नहीं हुआ है।

अधिवक्ता विनीत ढांडा के माध्यम से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि शीर्ष अदालत ने 19 अगस्त, 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया था।

याचिका में कहा गया है कि शीर्ष अदालत ने देश की प्रमुख जांच एजेंसी पर विश्वास जताया और अभिनेता की अप्राकृतिक मौत के मामले में उसे जांच का निर्देश दिया, क्योंकि उनकी मृत्यु ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और यहां तक कि भारत के अलावा विदेशों में भी उनके प्रशंसकों को इससे बड़ा झटका लगा।

याचिका में कहा गया है कि इस अदालत ने 19 अगस्त, 2020 को सीबीआई जांच के लिए एक आदेश पारित किया और लगभग चार महीने बीत जाने के बावजूद सीबीआई अभी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत का कारण जानने के लिए उनके प्रशंसकों, शुभचिंतकों को आज भी इंतजार है।

याचिकाकर्ता ने दलील दी कि शीर्ष अदालत को जांच को अंतहीन रूप से चलने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अनुरोध किया कि सीबीआई को सुशांत की मौत के संबंध में जांच की प्रगति में एक स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया जाए। साथ ही दो महीने की अवधि में इसकी जांच पूरी की जाए।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि सीबीआई वर्तमान मामले में जिम्मेदारी से काम नहीं कर रही है और मामले की जांच के निष्कर्ष में देरी हुई है।

Hot this week

पुनर्नवीनीकरण चिकित्सा उपकरण: आत्मनिर्भर भारत के लिए खतरा या अवसर?

भारत में चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहे प्रयासों के बीच, पुनर्नवीनीकरण और पुराने चिकित्सा उपकरणों के आयात की अनुमति देने वाली नीति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं के संगठन, इमेजिंग, थेरेपी और रेडियोलॉजी उपकरण निर्माताओं के संघ, भारत के नैदानिक उपकरण निर्माताओं […]

बेलागवी दहशत: बच्चों का अपहरण और पुलिस का एनकाउंटर

बेलागवी में हुए बच्चों के अपहरण के मामले ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। शुक्रवार तड़के अथणी, बेलागवी जिले में पुलिस ने एक संदिग्ध को गोली मारकर घायल कर दिया, जो दो बच्चों के अपहरण में शामिल था। पुलिस ने अपहरण के बाद फरार हुए संदिग्धों की गाड़ी की पहचान करने के बाद […]

ईरान-इस्राइल तनाव: क्या है अगला कदम?

ईरान और इस्राइल के बीच हाल ही में हुए सैन्य संघर्ष ने क्षेत्रीय तनाव को काफी बढ़ा दिया है। इस्राइल द्वारा लगातार हवाई हमलों के बाद, ईरान ने प्रतिक्रिया देने की धमकी दी है, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए गंभीर चिंता पैदा […]

आंध्र प्रदेश में स्व-सहायता समूहों का उल्लेखनीय सशक्तिकरण

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के हर परिवार में एक उद्यमी बनाने के विजन के अनुरूप, एमएसएमई और ग्रामीण गरीबी उन्मूलन मंत्री,कोंडापल्ली श्रीनिवास ने सभी संबंधित विभागों से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया है। राज्य ग्रामीण गरीबी उन्मूलन एजेंसी कार्यालय में आज आयोजित एक समन्वय बैठक के दौरान, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के […]

Related Articles

Popular Categories