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बढ़ सकती हैं मुश्किलें उत्तराखंड CM के खिलाफ PM को पत्र लिखने वाले पूर्व मंत्री की, जवाब से संतुष्ट नहीं भाजपा नेतृत्व

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देहरादून। भाजपा से निलंबित पूर्व मंत्री लाखीराम जोशी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। पार्टी की ओर से भेजे गए नोटिस का जो जवाब उन्होंने दिया है, उससे भाजपा नेतृत्व संतुष्ट नहीं है। इसे देखते हुए प्रकरण को अब पार्टी की अनुशासन समिति को भेजा जा रहा है। पूर्व मंत्री जोशी ने मुख्यमंत्री के फैसलों पर अंगुली उठाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भेजा था।

प्रदेश भाजपा ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित करने के साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी किया था। पांच दिसंबर को जोशी ने नोटिस का जवाब प्रदेश महामंत्री को सौंपा था। अब पार्टी ने उनके जवाब का अध्ययन किया तो नेतृत्व इससे संतुष्ट नहीं है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार के अनुसार पूर्व मंत्री जोशी ने अपने जवाब में बताया है कि उनके द्वारा प्रधानमंत्री को भेजा गया पत्र सार्वजनिक नहीं किया गया।

अलबत्ता, मीडिया में जोशी ने यह खुलकर कहा कि उन्होंने पत्र भेजा। उन्होंने बताया कि इस विरोधाभाष के मद्देनजर यह प्रकरण पार्टी की अनुशासन समिति को भेजा जा रहा है। अनुशासन समिति अब उनसे जवाब मांगेगी। समिति की रिपोर्ट के बाद ही उनके संबंध में फैसला लिया जाएगा।

सदस्यता शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी

सचिवालय संघ ने सदस्यता शुल्क जमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर रखी है। संघ के कार्यकारी महासचिव राकेश जोशी ने कहा कि इसके बाद किसी कार्मिक को सदस्यता नहीं दी जाएगी। सचिवालय संघ ने मौजूदा कार्यकारिणी को भंग करने के साथ ही सचिवालय प्रशासन से शीघ्र संघ के चुनाव कराने का अनुरोध किया है। चुनाव होने तक निवर्तमान कार्यकारिणी व्यवस्थाएं संभाल रही है। चुनावों को देखते हुए अब संघ के कार्यकारी महासचिव राकेश जोशी ने सभी सदस्यों को सूचित किया है कि सदस्यता शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि अब पांच दिसंबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी गई है। इसके बाद संघ के सदस्यों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। इस सूची में शामिल कार्मिक ही चुनाव में वोट दे सकेंगे।

 

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