रांची, हेमंत सोरेन सरकार ने अपने एक वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है। नया वर्ष नई चुनौतियों से भरा है। कोरोना काल से उबरने के साथ-साथ राजनीतिक मोर्चे की भी अपनी चुनौतियां हैं। विपक्ष हमलावर है तो सत्ताापक्ष में भी जनप्रतिनिधियों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा हिलोरे मार रही है। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों का तेज होना स्वाभाविक है। उम्मीद जताई जा रही है कि नए वर्ष में जल्द ही इन अटकलों को विराम लगाते हुए मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है।
फिलहाल राज्य सरकार के मंत्रिमंडल में दो पद खाली हैं। मंत्रिमंडल में एक पद आरंभ से रिक्त है। असमय मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के निधन से एक कुर्सी और रिक्त हो गई है। जाहिर है दो खाली पदों पर सबकी निगाह लगी है। इन दोनों पदों के लिए झामुमो और कांग्रेस दोनों ही दलों में हलचल तेज है। सरकार के मुखिया पर दबाव है कि वे समन्वय बनाते हुए दोनों सत्ताधारी दलों को साधे। इधर, विपक्ष अधूरे मंत्रिमंडल का सवाल उठाकर राज्य सरकार पर हावी हो रहा है। दूसरी ओर आर्चबिशप ने ईसाई मंत्री बनाने का सुझाव देकर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

