लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और राज्यमंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठक करके कहा कि अपने गृह जनपद और प्रभार वाले जिलों में कोविड-19 की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जरूरी निर्देश दें।
उन्होंने मंत्रियों से लॉकडाउन में ढील को लेकर सुझाव मांगे। अधिकतर मंत्री लॉकडाउन में आंशिक ढील के पक्षधर थे। कुछ ने स्थानीय परिवहन के लिए ऑड-इवन सिस्टम लागू करने और व्यापार को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर अलग-अलग समय खोलने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। प्रदेश भर की स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की मदद के लिए तमाम निर्णय लिए ताकि लॉकडाउन में आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।
उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे तमाम व्यवस्थाओं की निगरानी रखें।
हालात की समीक्षा करते रहें। उन्होंने मंत्रियों से पूछा कि लॉकडाउन को कैसे खोला जाए। अधिकतर मंत्रियों ने सावधानी बरतते हुए उद्योगों को शुरू करने का सुझाव दिया। कहा कि इससे उद्यमियों ही नहीं, मजदूरों को भी राहत मिलेगी। वहीं, बाजार खोलने को लेकर अलग-अलग सुझाव आए। किसी ने जरूरत की दुकानों को खोलने पर जोर दिया तो किसी ने कहा कि व्यापार को श्रेणियों में बांटकर सुबह 6 से रात नौ बजे तक उन्हें तीन-तीन घंटे के लिए खोला जाए। इससे बाजार में भीड़ कम रहेगी और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सकेगा।
स्थानीय परिवहन को सीमित अनुमति देने का मामला उठा। एक मंत्री ने वाहनों के लिए ऑड-इवन व्यवस्था लागू करने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे वाहनों की भीड़ नहीं लगेगी। कुछ मंत्रियों ने उन जिलों में ज्यादा ढील देने का सुझाव दिया जहां कोरोना संक्रमण नहीं या बहुत कम है।
अधिकतर मंत्रियों का सुझाव था कि सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए व्यापारिक व औद्योगिक गतिविधियों को धीरे-धीरे शुरू किया जाए।

