प्रदेशउत्तर प्रदेशराजधानी लखनऊ में दिल्ली जैसे हालात, लॉकडाउन की तैयारी, लग सकती हैं...

राजधानी लखनऊ में दिल्ली जैसे हालात, लॉकडाउन की तैयारी, लग सकती हैं ये पाबंदियां

[object Promise]

लखनऊ । जिसका डर था, वही हुआ। शर्तों के साथ लागू अनलॉक की व्यवस्था को लोगों ने अपनी मर्जी और बेफिक्री के धुएं में उड़ा दिया। नतीजा, सूबे की राजधानी हमारे शहर में दिल्ली जैसे हालात पैदा होने लगे हैं। मरीज मिलने की संख्या सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती जा रही है। जगह-जगह कटेंटमेंट जोन का फैलाव हो रहा है। आम ही नहीं, संक्रमितों में खास लोग भी हैं। पुलिस से लेकर प्रशासन तक में कोरोना जड़े जमा रहा है। लोगों की बेपरवाही के आगे प्रशासन भी बेबस है। सामुदायिक स्तर पर कोरोना का संक्रमण नहीं फैले, लिहाजा इसके बारे में सोचा जाने लगा है। कुछ पाबंदियों पर फिर से विचार किया जा रहा है। शासन से अनुमति मिलते ही एक दो दिन में कुछ पाबंदियां फिर से लागू कर दी जाएंगी।

राजधानी में भयावह स्थिति
स्थिति पर नियंत्रण के लिए अनलॉक-2 में प्रशासन सख्ती की तैयारी में
सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित होगी
बाजारों में ऑड-ईवन फार्मूला फिर से लागू करके भीड़ कम की जाएगी
रेस्टोरेंट और फूड स्टॉल पर सर्व करने पर भी दोबारा लगेगी पाबंदी
सार्वजनिक स्थानों पर बेवजह खड़े होने वालों का काटा जाएगा चालान
रात दस बजे के बाद केवल आवश्यक कार्य से ही निकल पाएंगे बाहर
बिना मास्क और थूकने वालों पर मौके पर ही लगेगा जुर्माना
मंडियों की स्थिति खराब, यहां लागू की जा सकती है पुरानी व्यवस्था

राजधानी में मरीजों का आंकड़ा हैरान करने वाला है। उससे अधिक मुश्किल रोजाना नए-नए इलाकों का कटेंटमेंट जोन में तब्दील होना। प्रशासन संक्रमण की रफ्तार को बेहद गंभीरता से लेकर रहा है। इसी के मद्देनजर जहां एक तरफ वैकल्पिक कोविड अस्पतालों का विस्तार किया जा रहा है, वहीं सार्वजनिक स्थानों और कार्यालयों में पाबंदियां बढाने पर फिर से विचार हो रहा है।

फिर से लागू होंगी पाबंदिया

डीएम अभिषेक प्रकाश के मुताबिक, राजधानी में जिस तरह से कोरोना संक्रमण की रफ्तार है, उसे रोकने के लिए कुछ पाबंदियां बेहद जरूरी हैं। सरकारी और निजी कार्यालयों में पचास प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य कराई जाएगी। प्रमुख बाजारों में ऑड-ईवन का फार्मूला फिर से लागू किया जा सकता है ताकि अधिक भीड़ न हो। मंडियों में भी पुरानी व्यवस्था लागू की जा सकती है। रेस्टोरेंट और फूड स्टॉल पर केवल डिलीवरी की सुविधा होगी। किसी को भी कहीं पर खड़े होकर खाने की इजाजत नहीं होगी। रात दस बजे के बाद सड़कों पर अनावश्यक घूमने वालों पर भी सख्ती होगी। इसके अलावा जो लोग बिना मास्क लगाकर या फिर थूकते दिखेंगे उनका चालान किया जाएगा।

पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को मिलाकर क्यूआरटी बनेगी जो कोविड-19 के सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराएगी। संबंधित थाने पर इसकी जिम्मेदारी होगी।

Hot this week

पुनर्नवीनीकरण चिकित्सा उपकरण: आत्मनिर्भर भारत के लिए खतरा या अवसर?

भारत में चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहे प्रयासों के बीच, पुनर्नवीनीकरण और पुराने चिकित्सा उपकरणों के आयात की अनुमति देने वाली नीति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं के संगठन, इमेजिंग, थेरेपी और रेडियोलॉजी उपकरण निर्माताओं के संघ, भारत के नैदानिक उपकरण निर्माताओं […]

बेलागवी दहशत: बच्चों का अपहरण और पुलिस का एनकाउंटर

बेलागवी में हुए बच्चों के अपहरण के मामले ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। शुक्रवार तड़के अथणी, बेलागवी जिले में पुलिस ने एक संदिग्ध को गोली मारकर घायल कर दिया, जो दो बच्चों के अपहरण में शामिल था। पुलिस ने अपहरण के बाद फरार हुए संदिग्धों की गाड़ी की पहचान करने के बाद […]

ईरान-इस्राइल तनाव: क्या है अगला कदम?

ईरान और इस्राइल के बीच हाल ही में हुए सैन्य संघर्ष ने क्षेत्रीय तनाव को काफी बढ़ा दिया है। इस्राइल द्वारा लगातार हवाई हमलों के बाद, ईरान ने प्रतिक्रिया देने की धमकी दी है, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए गंभीर चिंता पैदा […]

आंध्र प्रदेश में स्व-सहायता समूहों का उल्लेखनीय सशक्तिकरण

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के हर परिवार में एक उद्यमी बनाने के विजन के अनुरूप, एमएसएमई और ग्रामीण गरीबी उन्मूलन मंत्री,कोंडापल्ली श्रीनिवास ने सभी संबंधित विभागों से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया है। राज्य ग्रामीण गरीबी उन्मूलन एजेंसी कार्यालय में आज आयोजित एक समन्वय बैठक के दौरान, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के […]

Related Articles

Popular Categories