प्रदेशउत्तर प्रदेशकुशीनगर मे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का नाती मजदूरी करने पर मजबुर तो...

कुशीनगर मे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का नाती मजदूरी करने पर मजबुर तो सुविधा से गांव भी है बना उपेक्षा का शिकार

कुशीनगर मे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का नाती मजदूरी करने पर मजबुर तो सुविधा से गांव भी है  बना उपेक्षा का शिकार
उपेंद्र कुशवाहा

कुशीनगर : आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राधे कोइरी ने यही सोचा होगा कि स्वतंत्रता मिलने के बाद मरने पर उनके परिवार के लोगो में खुशहाली आएगी। लेकिन स्वतंत्रता के इतने वर्ष बीतने बाद भी सेनानी के परिवार का नाती के पास खुशहाली आना तो दूर बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलीं। एेसे मे इस सेनानी परिवार का एक मात्र 40 वर्षिय नाती संजय कुशवाहा आज भी मजदूरी करके अपने परिवार में लोगों के के बीच मजदूरी करके अपने परिवार के लोगों को के बीच जीवन काट रहा है । हालाकी आजादी के दीवाने के इस परिवार को एक अदद मिलने वाला सरकारी आवास भी नहीं मिल सका है।

पडरौना ब्लॉक की गांव जंगल बनवीरपुर निवासी स्वं राधे कोइरी स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के विरुद्ध छापामार लड़ाई को अंजाम देते रहे। 1942 के अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले राधे ने अपने सहयोगीयो के साथ शामिल होकर रेल लाईन व कई सड़क पुल को ध्वस्त कर अंग्रेजों का संपर्क बाधित कर दिया था। जबकी इसी पडरौना के गुदरी बाजार से अग्रेजो ने सन् 32 मे स्वतंत्रा सग्रांम सेनानी स्वर्गी राधे कोइरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था । आज स्वतंत्रता मिलने के बाद सरकारी सिस्टम की उपेछा सिकार उनका नाती हो कर रह गया है। स्वतंत्रता मिलने के बाद सेनानी का परिवार बदहाल है। सेनानी का 40 वर्षिय नाती संजय कुशवाहा ने कहा कि अगर बुनियादी सुविधाओं से वंचित किसी को देखना है तो मै उसका जीता जगता नमूना हू।

आजादी के पूर्व अंग्रेजों के निशाने पर मेरे नाना थे तो आज आजादी मिलने के बाद बर्तमान की सरकारे व प्रशासन की उपेक्षा के सिकार अब मै हुं । जो आज भी मजदूरी करके अपने परिवार के बीच जीवन काट रहा हू,आज तक हम को जरूरी सुविधाएं मिली ही नहीं हैं। इतना ही नहीं इस गांव की हम बात करें तो ऐसा लगता है कि इस गांव गांव में प्रवेश करने वाली सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, हालांकि जिला प्रशासन जिस तेजी से जनपद के अन्य गांव को सरकारी सुविधा से मुहैया कराता चला आ रहा है,वही इस गांव की हालत इस तरह है कि गांव में दो-दो सेनानी रहने के बावजूद भी इस गांव के लोगों को गांव से होकर बाजार तक जाने के लिए शुद्ध सड़क तक नहीं सही ढंग से बन पा रहा है।

Hot this week

पुनर्नवीनीकरण चिकित्सा उपकरण: आत्मनिर्भर भारत के लिए खतरा या अवसर?

भारत में चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहे प्रयासों के बीच, पुनर्नवीनीकरण और पुराने चिकित्सा उपकरणों के आयात की अनुमति देने वाली नीति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं के संगठन, इमेजिंग, थेरेपी और रेडियोलॉजी उपकरण निर्माताओं के संघ, भारत के नैदानिक उपकरण निर्माताओं […]

बेलागवी दहशत: बच्चों का अपहरण और पुलिस का एनकाउंटर

बेलागवी में हुए बच्चों के अपहरण के मामले ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। शुक्रवार तड़के अथणी, बेलागवी जिले में पुलिस ने एक संदिग्ध को गोली मारकर घायल कर दिया, जो दो बच्चों के अपहरण में शामिल था। पुलिस ने अपहरण के बाद फरार हुए संदिग्धों की गाड़ी की पहचान करने के बाद […]

ईरान-इस्राइल तनाव: क्या है अगला कदम?

ईरान और इस्राइल के बीच हाल ही में हुए सैन्य संघर्ष ने क्षेत्रीय तनाव को काफी बढ़ा दिया है। इस्राइल द्वारा लगातार हवाई हमलों के बाद, ईरान ने प्रतिक्रिया देने की धमकी दी है, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए गंभीर चिंता पैदा […]

आंध्र प्रदेश में स्व-सहायता समूहों का उल्लेखनीय सशक्तिकरण

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के हर परिवार में एक उद्यमी बनाने के विजन के अनुरूप, एमएसएमई और ग्रामीण गरीबी उन्मूलन मंत्री,कोंडापल्ली श्रीनिवास ने सभी संबंधित विभागों से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया है। राज्य ग्रामीण गरीबी उन्मूलन एजेंसी कार्यालय में आज आयोजित एक समन्वय बैठक के दौरान, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के […]

Related Articles

Popular Categories