प्रदेशउत्तर प्रदेशकोटेदार ने पूर्ति विभाग व गोदाम प्रभारी पर अनाज काम देने का...

कोटेदार ने पूर्ति विभाग व गोदाम प्रभारी पर अनाज काम देने का लगाया आरोप

[object Promise]
उन्नाव। एक ओर जहाँ पूरा कोरोना महामारी के चलते संकट में है। आम जनमानस पूरी तरह से प्रभावित है। सभी देशवासी इस महामारी से लड़ने के लिए तत्पर हैं। हर कोई व्यक्ति अपने देश के प्रति अपना योगदान देने के लिए संकल्पित है। वहीं इस महामारी में किसी कोई गरीब भूंखा न रहे इसके लिए सरकार ने कई योजनाओं को भी चलाई। वहीं जगह जगह कम्युनिटी किचन व सस्ते गल्ले की दुकान पर निशुल्क राशन  वितरण करने का  निर्देश भी दे दिया। साथ ही प्रदेश के मुखिया ने राशन उपभोक्ताओं तक राशन  मापदंडों पर तौलकर व पूरा मिले व घटतौली की शिकायत पर तत्कार कार्यवाही ने निर्देश दिये। योगी सरकार द्वारा गरीबहित में किए गए सभी दावे जमीनी स्तर पर खोखले हैं। पूर्ति विभाग की मिली भगत से घटतौली बाज कोटेदार फल-फूल रहे हैं घटतौली की शिकायतें मिलने के बाद भी लेन देन कर कोटेदारो को अभयदान दे  देते है।

 

ताज़ा मामला है उन्नाव नगर पालिका के कोटेदार प्रहलाद लाभार्थी के साथ खुलेआम घटतौली करने में जुटा है। अगर कोटेदार के खिलाफ लाभार्थी आवाज उठाते है तो कोटेदार लाभार्थियो को धमकी देकर भाग देता है। बुधवार दोपहर को जब कुछ लाभार्थियो की शिकायत ओर कोटेदार के यहां खबर बनाने पहुंचे तो स्थिति देक्ज दंग रह गए। शहर मुख्यालय से महज 1 किलोमीटर दूर कोटेदार लाभार्थियों को मिलने वाले राशन में 5 से 8 किलो तक कि घाट तौली कर रहा है साथ ही तौलने के लिए ईंट के बांट बनाकर तौला जा रहा। कई लाभार्थियो को 15 किलो राशन की स्लिप पर 10 किलो राशन दिया जा रहा वहीं लाभार्थियों को दिए जा रहे चने भी 1 किलो से स्थान पर 700 ग्राम ही दिए गए। कोटे पर हो रही घटतौली से तो ऐसा नजारा बन रहा था मानो की सस्ते गल्ले की दुकान पूर्ति विभाग की कमाई का जरिया हो। वहीं घटतौली के मामले में कोटेदार अपने पक्ष में बयान देकर बताया कि गोदाम से राशन हमे काम मिलता है 50 किलो की बोरी में 47 किलो ही राशन निकलता है हम कहाँ से राशन पूरा करेंगे घटतौली करना हमारी मजबूरी है।

 

वही जिलाधिकारी समेत प्रशासन पर आरोप लगाया कि गोदाम पर जांच करने जाते है वहा बोरिया वजन से कम निकलती है अधिकारी कोई कार्यवाही नही करते। इसी के सिलसिलेवार कोटेदार का न तो वितरण रजिस्टर सुव्यवस्थित था, न ही दर बोर्ड तराजू पर ईंट रखकर बांट बनाए हुए था, 15 किलो चावल व 1 किलो चने की पर्ची पर 10 किलो चावल व 700 ग्राम ही चने दिए जा रहे थे। कोटेदार सरेआम घटतौली में मस्त था।  बिना किसी डर के घटतौली करते हैं पत्रकारों के पहुंचने के बाद भी कोटेदार की घटतौली बदस्तूर जारी रही । क्योंकि कोटेदारों को भी पता है कि जब कभी फंसेंगे तो भ्रष्ट पूर्ति विभाग से लेन देन कर दुकान बचा लेंगे। वहीं भ्रष्ट पूर्ति विभाग कोटेदारों की घटतौली पर चुप्पी किसी गरीब के पेट के निवाले को छीन रहे है।
मुख्यालय से महज 1 किमी दूर राशन की दूकान पर हो रही घटतौली के सम्बंध में जब कोटेदार प्रहलाद से बात की गई तो कोटेदार ने बताया कि 50 किलो चावल की बोरी में 47 किलो ही चावल निकलता है। वही गेहूं की बारी 51 किलो बता के देते है जबकि वह 48 किलो ही निकलती है अग्रसर5 घटतौली न करे तो राशन कहा से पूरा करें। घर से तो देंगे नही साथ ही पूर्ति विभाग पर आरोप लगाया कि अनाज कम मिलने की तमाम शिकायत के बाद भी पूरा राशन दिलाने के लिए पूर्ति विभाग कोई कदम नही उठाता है।
उन्नाव के दरोगा बाग में राशन वितरण कर है कोटेदार इस घटतौली के साथ साथ शोसल डिस्टनसिंग को धज्जिया उड़ा दी। लगभग  आधा सैकड़ा लाभार्थियो की भीड़ एकसाथ झुंड बना कर खड़ी रही और कोटेदार लापरवाही से वितरण करते रहे। वही लाभार्थियो ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए किसी तरह की कोई किट जैसे मास्क का भी प्रयोग नही किया था।
कोटेदार घटतौली को आसानी सर अंजाम दे सके जिसके लिए कोटेदार ने बांट व ईंट से तौलकर लाभार्थियो को राशन दे रहे है। जिसमे हर लाभार्थी से लगभग 5 से 7 किलो राशन की घटतौली हो रही। साथ ही कोटेदार की दुकान पर न तो दर बोर्ड लगा हुआ मिला न ही स्टॉक रजिस्टर मौजूद मिला।

Hot this week

Related Articles

Popular Categories