लखनऊ। कोरोना वायरस (Coronavirus India) की वजह से देश में लॉकडाउन (Lockdown) का चौथा चरण शुरू हो गया है। उधर, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार और कांग्रेस (Congress) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के नजदीक बॉर्डर पर मंगलवार को यूपी कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू (Ajay Kumar Lallu) अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस उन्हें टांगकर ले गई।
#UttarPradesh Congress chief Mr @AjayLalluINC detained pic.twitter.com/Fiv4OjIBYb
— Supriya Bhardwaj (@Supriya23bh) May 19, 2020
अजय कुमार लल्लू को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी मामले पर ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, ‘यूपी सरकार ने हद कर दी है। जब राजनीतिक परहेजों के परे करते हुए त्रस्त और असहाय प्रवासी भाई-बहनों की मदद करने का मौका मिला तो दुनिया भर की बाधाओं को सामने रख दिया। योगी जी इन बसों पर आप चाहें तो बीजेपी का बैनर लगवा दीजिए, अपने पोस्टर बेशक लगवा दीजिए लेकिन हमारे सेवाभाव को मत ठुकराइए। इस राजनीतिक खिलवाड़ में तीन दिन बर्बाद हो चुके हैं। इन तीन दिनों में हमारे देशवासी सड़कों पर चलते हुए दम तोड़ रहे हैं।’
उप्र सरकार ने हद कर दी है। जब राजनीतिक परहेजों को परे करते हुए त्रस्त और असहाय प्रवासी भाई बहनों को मदद करने का मौका मिला तो दुनिया भर की बाधाएँ सामने रख दिए। @myogiadityanath जी इन बसों पर आप चाहें तो भाजपा का बैनर लगा दीजिए, अपने पोस्टर बेशक लगा दीजिए लेकिन हमारे सेवा भाव..1/2 pic.twitter.com/4SW3cax2H5
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) May 19, 2020
प्रियंका के निजी सचिव और यूपी कांग्रेस चीफ पर केस
इसके साथ ही प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह और यूपी कांग्रेस चीफ अजय कुमार लल्लू के खिलाफ लखनऊ स्थित हजरतगंज थाने में केस दर्ज कर लिया गया है।
एक तरफ़ सरकार बसों की अनुमति देती है और दूसरी तरफ़ बॉर्डर पर पुलिस बसों को नोएडा- गाजियाबाद नहीं जाने दे रहीं और ना ही लिखित में कारण बता रही है। मुख्यमंत्री जी कांग्रेस पार्टी श्रमिकों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस श्रमिक भाईयों को ऐसे हालात में नहीं छोड़ सकती। pic.twitter.com/rq8umtV9Nw
— Ajay Kumar Lallu (@AjayLalluINC) May 19, 2020
जानें क्या बोले यूपी कांग्रेस चीफ
बसों को इजाजत न देने के मामले में अजय कुमार लल्लू ने कहा, ‘हम-गरीब मजलूम श्रमिकों को उनके घरों तक छोड़ना चाहते हैं लेकिन यह सरकार संवेदनहीनता की सारी पराकाष्ठा पार कर चुकी है। यह सरकार नहीं चाहती कि श्रमिक अपने घरों तक पहुंचें। सरकार को हम बताना चाहते हैं कि श्रमिक भाइयों को उनके घरों तक अपनी बसों से पहुंचाने के लिए हम संकल्पित हैं।’
इससे पहले इमरान प्रतापगढ़ी (Imran Pratapgarhi) के ट्विटर अकाउंट से अपलोड किए गए वीडियो में यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू यह कहते हुए नजर आ रहे हैं, ”हमारी 1000 बसें तैयार हैं। हमें जाने दीजिए ताकि प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाया जा सके। बाकी आपकी सरकार भाषण दे रही है।’
एक तरफ़ सरकार बसों की अनुमति देती है और दूसरी तरफ़ बॉर्डर पर पुलिस बसों को नोएडा- गाजियाबाद नहीं जाने दे रहीं और ना ही लिखित में कारण बता रही है। मुख्यमंत्री जी कांग्रेस पार्टी श्रमिकों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस श्रमिक भाईयों को ऐसे हालात में नहीं छोड़ सकती।
उधर, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, ‘पूरे देश में श्रमिकों को लाने का कहीं काम किया गया है तो वह यूपी सरकार ने किया है। इस समय सभी को एक साथ मिलकर काम करना चाहिए, लेकिन कांग्रेस ने गुमराह करने का काम किया, इनका आचरण सामने आ गया।’ उन्होंने कहा कि श्रमिकों को लाने-ले जाने के लिए जिलों के बॉर्डर पर 200 बसें रखी गईं हैं। जिला अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसा काम पूरे देश में सिर्फ योगी सरकार ने किया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह व्यवधान लगाना और जनता को गुमराह करना जानती है। ये आपराधिक कृत्य है। कांग्रेस नाइंसाफी कर रही है। काम की बजाय टिप्पणी करना कांग्रेस की पुरानी आदत है।

