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पेट्रोल , डीजल और रसेई गैस की दामों में हुए वृध्दि को तत्काल वापस ले केंद्र सरकर - अधिवक्ता शत्रुहन साहू 

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पेट्रोल , डीजल और रसेई गैस की दामों में हुए वृध्दि को तत्काल वापस ले केंद्र सरकर - अधिवक्ता शत्रुहन साहू 

डिलेश्वर प्रसाद साहू

धमतरी -  संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली के देशव्यापी आह्वान पर 08 जुलाई को पेट्रोल डीजल और रसेई गैस की दामों में वृध्दि के खिलाफ देषव्यापी विरोध प्रदर्षन किये जाने की कड़ी में  किसान मोर्चा धमतरी के द्वारा कोविड महामहारी के संदर्भ में जारी दिषा निर्देषों का पालन करते हुए माननीय नरेन्द्र दामोदर दास मोदी जी  प्रधानमंत्री भारत सरकार नई दिल्ली को  कलेक्टर महोदय धमतरी, जिला धमतरी (छ.ग.)
 के माध्यम से बढ़ी  महंगाई को कम करने का के लिए ज्ञापन सौंपा इस अवसर पर अधिवक्ता शत्रुहन साहू कानूनी सलाहकार किसान मोर्चा टिकेश्वर साहू अशफाक हाशमी राम विशाल साहू रसूल खान मन्नु सोनकर सतवंत महिलाग निशांत भट्ट डागेश्वर साहू ने कहा कि वर्ष 2014  में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम 106.85 डाॅलर प्रति बैरल (159.5 लीटर) तक थी उस समय पेट्रोल 72.26 रु. प्रति लीटर और डीजल 55.49 रु. प्रति लीटर अधिकतम  थी। लेकिन आज जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम 63 डाॅलर प्रति बैरल (159.5 लीटर) है उसके बाद भी पेट्रोल - डीजल  प्रति लीटर 100 रूपये के पार पहुंच गया है । इसी प्रकार 2014 में सब्सिडी वाली रसोई गैस की दाम 414 रु.प्रति सिलेण्डर (14.2 कि.ग्रा.) थी जो आज 915 रु. की हो चुकी है। 

लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने ’’ बहुत हो गई महंगाई की मार अबकी बार मोदी सरकार, अच्छे दिन आने वाले हैं, बहुत हो गई जनता पर पेट्रोल डीजल की मार अबकी बार मोदी सरकार ’’ जैसे लोक लुभावन नारे देख कर महंगाई कम करने के वादे के साथ सत्ता पर काबिज हुए । अपने वादे के मुताबिक केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार अंतर्राष्ट्रीय  जनता को सस्ते दरों पर ईंधन डीजल पेट्रोल गैस प्रदान करने के बजाय सरकार कुल दाम में से आधे से अधिक करीब 53 प्रतिषत राशि टैक्स के रुप में ले रही है जो आम मेहनतकश व मध्यमवर्गीय जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ है और किसानों का उत्पादन लागत बढ़ती जा रही है लेकिन आपके द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य भी किसानों को प्राप्त नहीं हो रही है। 

किसान मोर्चा के अधिवक्ता शत्रुहन साहू ने कहा कि  रासायनिक खाद कंपनियां जिन्हें आपके द्वारा सब्सिडी दी जा रही है मनमाने दामों में छोटे विक्रेताओं को खाद बेच रही है किसनों को महंगे दामों में खाद बेचकर कंपनी द् सीधा सीधा किसानों और सरकार के साथ धोखाधड़ी है।  इसलिए पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ी हुई दामों को कम कर दाम आधा किया जाये। किसानों को डीजल पर सब्सिडी प्रदान किया जाये। किसानों की सभी उपजों के लिए स्वमीनाथन आयोग की सिफारिषों के अनुरुप लागत से डेढ़ गुणा अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य तय कर उस पर खरीदी की गारंटी कानून बनाया जाये। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पूरे साल भर फसलों की खरीदी हो इसके लिए कृषि उपज मंडी समितियों को मजबूत व व्यवस्थित किया जाये, खाद कंपनियों द्वारा किसानों की लूट बंद की जाये और दिल्ली सीमाओं पर जारी किसान आन्दोलन का समर्थन करते हुए उनकी मांगों को पूरा किया जाये।