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छोटे बड़े शहरों में बिना सेफ्टी लाइसेंस के चल रहे हैं हॉस्पिटल प्रबंधक

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छोटे बड़े शहरों में बिना सेफ्टी लाइसेंस के चल रहे हैं हॉस्पिटल प्रबंधक

बोकारो से शेखर की रिपोर्ट

शहरों में छोटी-बड़े अस्पताल खोल देना आजकल आम बात हो गई है। गली हो या शहर हर जगह कहीं ना कहीं आपको अस्पताल खुले हुए दिखते हैं अस्पताल में आग से बचने के लिए इंतजाम है या नहीं इस बारे में किसी को जानकारी नहीं है वजह है स्वास्थ विभाग के अधिकारी की लापरवाही इस निजी अस्पताल को चलाने के लिए लाइसेंस तो सरकार ने दे देती है मगर निजी अस्पताल बिना फायर सेफ्टी लाइसेंस दिए ही अस्पताल का संचालन कर देते हैं। ऐसे में मरीज को इस पर ध्यान नहीं जाता है और बड़े हॉस्पिटल को देखकर और भर्ती हो जाते हैं ऐसे में अप्रिय घटना भी हो सकती है

सेफ्टी हमारे लिए सभी दिशाओं में बहुत जरूरी है चाहे फैक्ट्री हो चाहे सड़क पर गाड़ी चला रहे हैं और चाहे हॉस्पिटल में जिले में सभी निजी अस्पताल बिना फायर सेफ्टी लाइसेंस लिए ही अस्पताल का संचालन कर रहे हैं इसको देखते हुए आज बोकारो के सिविल सर्जन ने तभी अस्पताल संचालक को नोटिस जारी किया है नोटिस जारी कर उन्हें ज्यादा से ज्यादा फायर लेयर सर्टिफिकेट 8 जून तक जमा करने का निर्देश दिया है उन्होंने बताया कि 8 जून को सभी निजी अस्पतालों के निजी संचालकों की बैठक भी बुलाई है जानकारी के मुताबिक बोकारो जिले में जितने छोटे बड़े अस्पताल है उनके पास वर्तमान समय में फायर सेफ्टी का कोई लाइसेंस उपलब्ध नहीं है

जिस कारण स्वास्थ विभाग लगातार पत्र के माध्यम से जल्द से जल्द बनाकर विभाग में जमा करने का निर्देश दे रहा है लेकिन मैं इसे अस्पताल की परेशानी करार दिया है जानकारी के मुताबिक बोकारो शहर इलाके मैं ऐसे कई अस्पताल है जो ऐसे भवनों से अवस्थी थे जहां फायर सर्टिफिकेट मिलना काफी मुश्किल है ऐसे में अस्पताल संचालक टालमटोल कर रहे हैं पाठक ने बताया कि फायर को लेकर सभी को पत्र दिया गया है जल्द से जल्द सभी को फायर लाइसेंस जमा करने का निर्देश दिया है अगर जमा नहीं करते हैं तो उसका सर्टिफिकेट विभाग करवाई करेगी