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कश्मीरी पंडितों के दर्द को नाटक लॉस्ट पैराडाइज में किया साकार

जयपुर। जवाहर कला केंद्र (जेकेके) की पाक्षिक थियेटर योजना के तहत शुक्रवार शाम रंगायन में ‘लॉस्ट पैराडाइज’ का मंचन हुआ। अरू स्वाति व्यास निर्देशित यह नाटक अभिनय गुरुकुल टीम की स्क्रिप्ट पर आधारित है। नाटक के माध्यम से मंच पर कश्मीरी पंडितों के दर्द को जीवंत किया गया। इसमें 1990 की घटना को दर्शाया गया।
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कश्मीरी पंडितों के दर्द को नाटक लॉस्ट पैराडाइज में किया साकार

जयपुर। जवाहर कला केंद्र (जेकेके) की पाक्षिक थियेटर योजना के तहत शुक्रवार शाम रंगायन में ‘लॉस्ट पैराडाइज’ का मंचन हुआ। अरू स्वाति व्यास निर्देशित यह नाटक अभिनय गुरुकुल टीम की स्क्रिप्ट पर आधारित है। नाटक के माध्यम से मंच पर कश्मीरी पंडितों के दर्द को जीवंत किया गया।

इसमें 1990 की घटना को दर्शाया गया। नाटक में लाखों कश्मीरी पंडितों को अपने घरों से जबरन निकाले जाने की टीस और सालों तक टेंट में रहने की पीड़ा का मार्मिक चित्रण किया गया। इस नाटक में भाषा और उसमें सम्मिलित बिबों के जरिए कथा को पिरोया गया। नाटक में कविताओं का उपयोग अनोखा रहा। शरणार्थी की तरह जीवन व्यतीत कर रहे कश्मीरी पंडितों के दर्द को कविताओं और संगीत के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया गया। अनोखी मंच सज्जा, लाइटिंग व प्रतीकात्मक दृश्यों ने नाटक में जीवतंता के रंग भरे।

नाटक को अभिनय के माध्यम से जीवंत बनाने वाले कलाकारों में सुधांशु मोहन, प्रफुल्ल बोराना, निखिल सोनी, अशोक बोहरा, हिमांशु सिंघवी, ईशान पुरोहित, रजत अरोड़ा, जयंत कच्छावा, उमंग पटेल और रघुवंश शामिल थे। अन्य कलाकारों में दीपिका, अनिता, स्वररू व्यास, स्वाति व्यास, अभिषेक जोशी, उमेश, श्वेता खन्ना शामिल थे। लाइटिंग संचालन अरू व्यास का था, संगीत व्यवस्था हिमांशु व्यास और मंच सज्जा प्रफुल्ल बोराना ने की।

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