Jansandesh online hindi news

UP में बिना प्रशासन की अनुमति के कोई भी धार्मिक जुलूस नहीं निकालना चाहिए : योगी आदित्यनाथ

अजान के लिए लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल और धार्मिक जुलूसों के दौरान हिंसा की घटनाओं के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कदम उठाए हैं. यूपी के सीएम योगी ने कहा है कि सभी को अपने धर्म के अनुसार धार्मिक आचरण करने की आजादी है. उन्होंने निर्देश दिया है कि बिना प्रशासन की पूर्व अनुमति के यूपी में कोई भी धार्मिक जुलूस नहीं निकाला जा सकता है. इसके अलावा, राज्य सरकार किसी भी नए समारोह या जुलूस के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देगी। यूपी में केवल पारंपरिक जुलूस और धार्मिक प्रकृति के कार्यों की अनुमति होगी।
 | 
UP में बिना प्रशासन की अनुमति के कोई भी धार्मिक जुलूस नहीं निकालना चाहिए : योगी आदित्यनाथ

लखनऊ: अजान के लिए लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल और धार्मिक जुलूसों के दौरान हिंसा की घटनाओं के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कदम उठाए हैं. यूपी के सीएम योगी ने कहा है कि सभी को अपने धर्म के अनुसार धार्मिक आचरण करने की आजादी है. उन्होंने निर्देश दिया है कि बिना प्रशासन की पूर्व अनुमति के यूपी में कोई भी धार्मिक जुलूस नहीं निकाला जा सकता है. इसके अलावा, राज्य सरकार किसी भी नए समारोह या जुलूस के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देगी। यूपी में केवल पारंपरिक जुलूस और धार्मिक प्रकृति के कार्यों की अनुमति होगी।

सीएम योगी ने कहा है कि सड़क पर किसी भी धार्मिक कार्यक्रम और अनुष्ठान की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसी चीजों के नाम पर कोई भी सड़कों को अवरुद्ध नहीं कर सकता है.

उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों और समारोहों में लाउडस्पीकर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन इसकी आवाज एक निश्चित सीमा से आगे नहीं बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक समारोह और अनुष्ठान के दौरान इस्तेमाल होने वाले लाउडस्पीकर से दूसरों को परेशानी नहीं होनी चाहिए. लाउडस्पीकर के उपयोग के मामले में, संबंधित अधिकारी पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत कार्रवाई कर सकते हैं। अधिनियम का उल्लंघन करने पर 5 साल की कैद और 10000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।

मध्य प्रदेश, दिल्ली और कुछ अन्य स्थानों पर रामनवमी और हनुमान जयंती जुलूस के दौरान हिंसा की हालिया घटनाओं के मद्देनजर यूपी के सीएम ने ये निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में केवल पारंपरिक धार्मिक जुलूस निकाले जा सकते हैं और कोई नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से राज्य में शरारती बयान देने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा.

गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ध्वनि प्रदूषण नियमन और नियंत्रण नियम 2000 के तहत प्रावधान हैं, जो कहता है कि लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति आवश्यक है। नियमानुसार रात के 10 बजे से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, इसका उपयोग स्कूल और अस्पतालों की 100 मीटर की सीमा में नहीं किया जा सकता है।

Text Example

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।