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'काला' कबाड़ी का काला कारोबार, पुलिस ने जब्त की 3 करोड़ की संपत्ति

Sotiganj Kabadi Irfan Rahul kala Big Action : ऐसे कुख्यात सोतीगंज पर जब योगी सरकार के निर्देश पर पुलिस ने एक्शन शुरु किया तो हड़कंप मच गया. देखते ही देखते यहां की तस्वीर बदल गई. यहां कबाड़ माफियाओं की अब तक करोड़ों की सम्पत्ति कुर्क की जा चुकी है. एक से बढ़कर एक आलीशान कोठियों पर पुलिस का पहरा है. यही नहीं यहां कई दुकानदारों ने तो अब अपनी दुकान पर ये लिख दिया है कि मैं पहले कबाड़ का काम करता था. मेरी दुकान में न तो चोरी का सामान बेचा जाता है न खरीदा जाता है. न ही भविष्य में खरीदूंगा.  

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'काला' कबाड़ी का काला कारोबार, पुलिस ने जब्त की 3 करोड़ की संपत्ति

मेरठ. मेरठ के कुख्यात मार्केट सोतीगंज की बदली हुई तस्वीर का ज़िक्र बीते दिनों पीएम ने भी किया. उन्होंने आज कहा कि देश भर में कहीं भी गाड़ी चोरी हो जाए तो वह सोतीगंज में कटती थी. यह काला बाजार दशकों से चला आ रहा था. पूर्व की सरकारों ने कभी बंद नहीं किया, लेकिन योगी सरकार ने मेरठ में सोतीगंज में चल रहे इस गंदे धंधे को बंद किया है. सोतीगंज में यूपी, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड के चोरी व लूट के वाहन अवैध तरीके से काटे जाते थे.

आज फिर पुलिस का बड़ा एक्शन हुआ. यहां इरफान उर्फ राहुल काला की तकरीबन तीन करोड़ की संपत्ति ज़ब्त कर ली गई. सोतीगंज में अब तक की कार्रवाई में 55 करोड़ की अवैध संपत्ति ज़ब्त की जा चुकी है. राहुल काला पर विभिन्न थानों में वाहन चोरी, अवैध कटान जैसे कई मुकदमे दर्ज हैं.

एएसपी कैंट सूरज राय ने बताया आने वाले दिनों में ऐसी कई बड़ी कार्रवाई जारी रहेंगी.ASP CANT सूरज राय ने एनआउंसमेंट करते हुए कहा कि इरफान उर्फ राहुल काला जो संगठित रुप से वाहन चोरी एवं वाहन कटान जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देता रहा है इसके उपर दस मुकदमे पंजीकृत थे.

विवेचना के दौरान सामने आया कि ये संपत्ति अभियुक्त इरफान उर्फ राहुल काला ने अवैध तरीके से बनाई थी. लिहाज़ा इस संपत्ति को ज़ब्त किया जाता है. इस संपत्ति का क्रय या विक्रय वर्जित घोषित किया जाता है. सोतीगंज वो इलाका है जहां बताते हैं कि बड़े से बड़े ट्रक के पुर्ज़े पुर्ज़े यहां मिनटों में अलग कर दिए जाते थे.

ऐसे कुख्यात सोतीगंज पर जब योगी सरकार के निर्देश पर पुलिस ने एक्शन शुरु किया तो हड़कंप मच गया. देखते ही देखते यहां की तस्वीर बदल गई. यहां कबाड़ माफियाओं की अब तक करोड़ों की सम्पत्ति कुर्क की जा चुकी है. एक से बढ़कर एक आलीशान कोठियों पर पुलिस का पहरा है.

यही नहीं यहां कई दुकानदारों ने तो अब अपनी दुकान पर ये लिख दिया है कि मैं पहले कबाड़ का काम करता था. मेरी दुकान में न तो चोरी का सामान बेचा जाता है न खरीदा जाता है. न ही भविष्य में खरीदूंगा. यही नहीं आगे दुकानदारों ने लिखा कि अगर मार्केट में कोई चोरी का काम करेगा तो उसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी जाएगी.

90 के दशक में सोतीगंज में शुरू हुआ गाड़ियों के पुराने पार्ट्स का कारोबार काले बाजार में बदलता चला गया. चोरी करने वाले गिरोह तैयार हो गए. ऑन डिमांड चोरियां होने लगी. मेरठ से दिल्ली होते हुए यह कारोबार देशभर के कई राज्यों तक पहुंच गया. किसी को कोई भी गाड़ी का पार्ट्स लेना हो तो वह जहां पूरे देश में नहीं मिलता था वह मेरठ में मिल रहा था. 31 साल के इस काले कारोबार के बीच तमाम पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मेरठ में आए लेकिन कोई भी इस काले कारोबार पर लगाम नहीं कस सका था. सरकारें बदलती रही अफसर आते जाते रहे और संसद में मामला गूंजता रहा, लेकिन सोतीगंज में चोरियों की गाड़ियों के पार्ट्स बिकने का काला धंधा चलता रहा.

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