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सीएईएचएस कालेज का मालिक 250 करोड़ के घोटाले में गिरफ्तार,ये है मामला

मालिक सत्यपाल सिंह देशवाल को मेडिकल पुलिस ने कालेज से गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ धोखाधड़ी के मुकदमे में कोर्ट से वारंट जारी हुआ था। शनिवार को पुलिस कोर्ट में पेश करेगी।सीएईएचएस कालेज के मालिक सत्यपाल सिंह देशवाल मेडिकल थाने के जागृति विहार में रहते हैं। रुड़की रोड पर उनका कालेज है। पुलिस ने मेडिकल कालेज से सत्यपाल सिंह देशवाल को गिरफ्तार कर लिया है। इंस्पेक्टर संत शरण सिंह ने बताया कि 2015 में पल्लवपुरम थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में सत्यपाल सिंह देशवाल का वारंट जारी हो चुका है। कोर्ट के आदेश पर गिरफ्तार किया गया है।

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सीएईएचएस कालेज का मालिक 250 करोड़ के घोटाले में गिरफ्तार,ये है मामला

मेरठ। Satyapal Singh Deshwal मेरठ के पल्लवपुरम थाने के रुड़की रोड स्थित एप्लाइड एजुकेशन हेल्थ साइंसेज कालेज (सीएईएचएस) के मालिक सत्यपाल सिंह देशवाल को मेडिकल पुलिस ने कालेज से गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ धोखाधड़ी के मुकदमे में कोर्ट से वारंट जारी हुआ था। शनिवार को पुलिस कोर्ट में पेश करेगी।सीएईएचएस कालेज के मालिक सत्यपाल सिंह देशवाल मेडिकल थाने के जागृति विहार में रहते हैं। रुड़की रोड पर उनका कालेज है। पुलिस ने मेडिकल कालेज से सत्यपाल सिंह देशवाल को गिरफ्तार कर लिया है। इंस्पेक्टर संत शरण सिंह ने बताया कि 2015 में पल्लवपुरम थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में सत्यपाल सिंह देशवाल का वारंट जारी हो चुका है। कोर्ट के आदेश पर गिरफ्तार किया गया है।

घटनाक्रम साल 2004 का है। उप आवास आयुक्त/ सब रजिस्ट्रार के पद पर रहते हुए इंद्रपान एस्टेट सहकारी आवास समिति लिमिटेड मेरठ की 52 एकड़ जमीन पर भूमाफिया से साठ-गांठ कर समिति को हाईजैक कराकर लगभग 250 से 300 करोड़ का घोटाला करने का आरोप है। इस आवास समिति पर सत्यपाल सिंह देशवाल, राजमोहन, आरपीएस चौधरी कब्जा कराने के उद्देश्य से साल 2004 में तत्कालीन सहकारी अधिकारी आवास राज कुमार के साथ मिलीभगत कर षडयंत्र रचा। इसके बाद इस आवास समिति का फेक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट वनाकर जारी कर दिया। जबकि 18 मार्च 1985 में इस समिति का संख्या 914 पर रजिस्ट्रेशन हुआ था। 2015 में कोर्ट के आदेश पर डोरली निवासी किसान बिजेंद्र सिंह की तरफ से पल्लवपुरम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले में लखनऊ के गोमतीनगर आवास से पूर्व सहायक आवास आयुक्त वीके चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

2015 का मुकदमा है। इसमें वादी पक्ष ने सत्यपाल सिंह देशवाल को फर्जी सोसायटी और सचिव बताया था। इस मामले में 2018 में उप आवास आयुक्त वीके चौधरी को जेल भेज दिया था। उनका आरोप पत्र भी निरस्त कर दिया था। उस मामले में ही सत्यपाल सिंह देशवाल के खिलाफ चार्जशीट भेज दी गई थी, जिसमें हाईकोर्ट से स्टे चल रहा था। स्टे की अवधि छह माह पूरे होने पर कोर्ट से वारंट जारी हो गया था। उसके लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई थी।

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