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जातीय समीकरण : मोदी मंत्रिमंडल में पार्टी ने 3 ओबीसी, 3 अनुसुचित जाति और 1 ब्राहण सांसद को मंत्रिमंडल में शामिल

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जातीय समीकरण : मोदी मंत्रिमंडल में पार्टी ने 3 ओबीसी, 3 अनुसुचित जाति और 1 ब्राहण सांसद को मंत्रिमंडल में शामिल

मोदी सरकार ने बुधवार को अपने सात साल के शासन का सबसे बड़ा फेरबदल किया और एक तरीके से सरकार की शक्ल बदलकर रख दी. कुल 43 मंत्रियों ने राष्ट्रपति के सामने पद और गोपनियता की शपथ ली. इनमें 36 नये चेहरे है. हांलाकि इस बीच मोदी सरकार का चुनावी राज्यों पर खास फोकस रहा. प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल में यूपी से शामिल हुए 7 मंत्रियों पर नजर डाले तो साफ है कि बीजेपी (BJP) नेतृत्व ने मिशन यूपी (Mission 2022) की बिसात पर जातीय समीकरण को लेकर बड़ा दांव चला है

मोदी मंत्रिमंडल में पार्टी ने 3 ओबीसी, 3 अनुसुचित जाति और एक ब्राहण सांसद को मंत्रिमंडल में शामिल कर साफ संकेत दे दिया है कि आगामी चुनाव में भी पार्टी की रणनीति जातियों के साथ क्षेत्रीय संतुलन बिठाकर बहुमत हासिल करने की होगी.

मंत्रियों की ये है प्रोफाइल
-अनुप्रिया पटेल मिजापुर से सांसद है (जाति से कुर्मी और क्षेत्र पुर्वांचल)
-पंजक चौधरी, महाराजगंज से सांसद है (जाति से कुर्मी और क्षेत्र पुर्वांचल)
-बीएल वर्मा बंदायु  से राज्य सभा है (जाति से लोध और क्षेत्र है रूहेलखण्ड)
-भानु प्रताप सिंह वर्मा  जालौन से सासंद है (जाति से दलित और क्षेत्र है बुंदेलखण्ड)
-कौशल किशोर मोहनलाल गंज से सांसद है (जाति से दलित पासी और क्षेत्र है मध्य यूपी)
-अजय कुमार टेनी लखीमपुर से सांसद है (जाति से ब्राहण और क्षेत्र है मध्य यूपी)
-एसपी सिंह बघेल आगरा से सांसद है (जाति से एससी और क्षेत्र है पश्चिम यूपी)

सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले की झलक
यानि कि केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्रियों की जाति से लेकर क्षेत्र तक का खास ख्याल रखा गया है ताकि जाति के साथ साथ क्षेत्रीय पैमाने पर मंत्रियों को 2022 के चुनावी बिसात पर जीत हासिल की जा सके. यानि की मोदी मंत्रिमंडल में यूपी से शामिल किये गये चेहरों से सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले की झलक साफ दिखायी दे रही है