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4 महीनों में ही फूंके जिले में 1286 ट्रांसफार्मर

अनबैलेंस करेंट और तेल की कमी आने से ट्रांसफार्मर हीट होकर जल रहे हैं
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क्षमता वृद्धि न होने से ओवरलोड होकर जल रहे ट्रांसफार्मर 


उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में लगातार जल रहे ट्रांसफार्मरों के चलते बिजली विभाग को भारी चपत लग रही है। अप्रैल से लेकर जुलाई तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो इन 4 महीनों में ही जिले में 1286 ट्रांसफार्मर फुंक गए। कर्मचारियों की मानें तो लगातार ओवरलोड, अनबैलेंस करेंट और तेल की कमी आने से ट्रांसफार्मर हीट होकर जल रहे हैं क्योंकि बढ़ रही खपत के मुकाबले ट्रांसफार्मरों की क्षमता नहीं बढ़ाई जा रही है। इसके चलते बिजली विभाग को जहां करोड़ों की चपत लग रही है, वहीं इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। 

 

क्षमता वृद्धि न होने से ओवरलोड होकर जल रहे ट्रांसफार्मर 


देवरिया जिले में कुल 3 लाख 75 हजार 264 विद्युत उपभोक्ता हैं। इसमें शहरी और ग्रामीण दोनों शामिल हैं। बिजली आपूर्ति के लिए 40 उपकेंद्र और 17270 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं लेकिन अधिकांश ट्रांसफार्मर ओवरलोड चल रहे हैं। उपभोक्ताओं की संख्या तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि नहीं हो रही है। इसका नतीजा है कि उपभोक्ता जहां लो वोल्टेज और कटौती की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं बिजली विभाग को करोड़ों का घाटा उठाना पड़ रहा है। 



बिजली विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल में 103, मई में 263, जून में 477 और जुलाई में 443 ट्रांसफार्मर जल गए। इनमें अधिकांश 25 केवी केवी ट्रांसफार्मर जले | हैं क्योंकि ज्यादा लोड इन्हीं ट्रांसफार्मरों पर पड़ता है।  

बिजली विभाग को लग रहा करोड़ों का घाटा 


विभागीय अधिकारियों के मुताबिक 25 केवी के ट्रांसफार्मर की कीमत 60 हजार, 63 केवी के ट्रांसफार्मर की कीमत 1 लाख 13 हजार, 100 केवी 1 लाख 60 हजार, 250 केवी 5 लाख 27 हजार और 400 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर की कीमत 7 लाख 80 हजार के लगभग है। जले ट्रांसफार्मरों की रिपेयरिंग के दौरान मामूली फाल्ट होने पर भी कम से कम 15 हजार रूपये का खर्च आता है। 

 

ऐसे में अगर यही औसत माना जाए तो भी साल में यह खर्चा करोड़ों का है। मगर बिजली विभाग इसको विभागीय घाटे का प्रमुख कारण न मानते हुए विद्युत चोरी और बिल बकाया बताकर ठीकरा उपभोक्ताओं पर फोड़ता है । तेल की कमी भी ट्रांसफार्मरों के जलने की मुख्य वजह है। क्योंकि रिपेयरिंग में लापरवाही के चलते अधिकांश ट्रांसफार्मरों की बॉडी क्रेक हो जाती है, जिससे तेल रिसाव होता रहता है। तेल कम होने पर ट्रांसफार्मर हीट होकर जल जाता है। 



इस मामले में अधीक्षण अभियंता जीसी यादव ने बताया कि गर्मी के महीने में बिजली की खपत बढ़ जाती है। जिससे ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर जल जाते हैं। विभाग द्वारा ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाकर लोड कम करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।

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