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UP News : जेल अफसरों की सरपरस्ती में जेल में चल रहा था 'सट्‌टा, DIG की जांच में उजागर हुई करतूत

UP News : जेलर की शिकायतों की जांच DIG जेल (मेरठ) आईपीएस अखिलेश कुमार को सौंपी गई थी। उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद जेल में बंद कैदियों को सट्टा खिलवाया जा रहा था। पूरा खेल जेल अफसरों की सरपरस्ती में चल रहा था। DIG जेल (मेरठ) की जांच में जेल अफसरों की यह करतूत उजागर हुई है। DIG की जांच रिपोर्ट के अनुसार दो हेड जेल वार्डर बंदियों से सट्टे का पैसा इकट्ठा करते थे। फिर बाहर जाकर सट्टे की पर्चियां लगाते थे।
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जेल अफसरों की सरपरस्ती में जेल में चल रहा था 'सट्‌टा

उमेश सिंह 18 फरवरी 2021 तक मुरादाबाद के जेल सुपरिटेंडेंट रहे हैं। मुरादाबाद के तत्कालीन जेलर रीवन सिंह ने मुरादाबाद जेल में भ्रष्टाचार की शिकायत आईजी जेल से की थी। 27 अप्रैल 2020 को की गई शिकायत में उन्होंने तत्कालीन जेल अधीक्षक उमेश सिंह पर कर्मचारियों के उत्पीड़न के भी आरोप लगाए थे। जेलर की शिकायतों की जांच DIG जेल (मेरठ) आईपीएस अखिलेश कुमार को सौंपी गई थी। उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद जेल में बंद कैदियों को सट्टा खिलवाया जा रहा था। पूरा खेल जेल अफसरों की सरपरस्ती में चल रहा था। DIG जेल (मेरठ) की जांच में जेल अफसरों की यह करतूत उजागर हुई है। DIG की जांच रिपोर्ट के अनुसार दो हेड जेल वार्डर बंदियों से सट्टे का पैसा इकट्ठा करते थे। फिर बाहर जाकर सट्टे की पर्चियां लगाते थे।

मामले की जांच के बाद IG को भेजी रिपोर्ट में मुरादाबाद के तत्कालीन जेल अधीक्षक उमेश सिंह (मौजूदा तैनाती सुल्तानपुर जेल) के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। जांच रिपेार्ट में तीन डिप्टी जेलरों को जवाब तलब करने और दो बंदियों को दूसरी जेल में ट्रांसफर करने की सिफारिश भी की गई है।  DIG जेल अखिलेश कुमार ने 3 मार्च 2021 को अचानक मुरादाबाद जेल पहुंचकर आरोपों की जांच की थी। जांच रिपोर्ट के मुताबिक मुरादाबाद के मौजूदा जेल सुपरिटेंडेंट डॉ वीरेश राज शर्मा ने अपने बयानों में सट्टे की बात स्वीकार की थी। उन्होंने कहा, ‘ चार्ज लेने के बाद मुझे जेल में बंदियों द्वारा सट्टा खेले जाने की जानकारी हुई।

इस पर रोक लगाने के लिए जेलर व अन्य को आदेश दिया। बंदियों और जेल स्टाफ से इस बारे में पूछताछ भी की गई।‘ जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि तत्कालीन जेल सुपरिटेंडेंट उमेश सिंह ने स्वार्थ वश सट्टा संचालन को प्रश्रय दे रखा था। उन्हें जेल में सट्टा होने की पूर्ण जानकारी थी। उन्होंने स्वयं या किसी अधीनस्थ अधिकारी की मदद से सट्टा रोकने की कोई कोशिश नहीं की।

DIG जेल अखिलेश कुमार ने मुरादाबाद के तत्कालीन जेल सुपरिटेंडेंट उमेश सिंह के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है। IG जेल को भेजी जांच रिपोर्ट में DIG ने कहा है कि उमेश सिंह के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई के साथ ही विधिक कार्यवाही भी की जाए।

DIG ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि चक्र उप कारापाल राजेश कुमार मौर्य, अन्विता श्रीवास्तव और चक्र कारापाल विजय कुमार गुप्ता ने भी अपने दायित्व नहीं निभाए। इन तीनों ने जेल में सट्टे की जानकारी होने के बावजूद उसे रोकने की कोई कोशिश नहीं की। इन तीनों से स्पष्टीकरण तलब करने की सिफारिश की गई है।

जांच में खुलासा हुआ है कि मुरादाबाद जिला जेल में तैनात हेड जेल वार्डर सत्येंद्र सिंह और हेड जेल वार्डर हृदय नारायण की सट्टे में सक्रिय भूमिका थी। ये दोनों जेल में बंदियों द्वारा लगाए गए सट्टे का विवरण और पैसा इकट्ठा करते थे। ये दोनों ही जेल के बाहर जाकर बंदियों की सट्टा पर्चियां उनके बताए अनुसार खरीदते थे। जांच में दोनों ने स्वीकार किया है कि जेल में सट्टा होने की जानकारी उन्हें थी। इन दोनों के प्रशासनिक आधार पर तबादले की सिफारिश की गई है। ये दोनों जेल सुपरिन्टेंडेंट उमेश सिंह के खास थे।

जांच रिपोर्ट में मुरादाबाद जेल में बंद दो सजायाफ्ता कैदियों का भी नाम है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सजायाफ्ता बंदी रामखिलाड़ी पुत्र रामेश्चर बैरक नंबर 4 और मुकेश पुत्र राजेंद्र बैरक नंबर 9 इस खेल में शामिल थे। बंदियों से पैसा इकट्ठा करने में ये दोनों बंदी जेल वार्डर की मदद करते थे। दोनों ने यह भी बताया कि बैरक आवंटन के नाम पर जेल में पैसे की उगाही होती थी।

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि जेल में सट्टा कराने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले बंदी राम खिलाड़ी और मुकेश को जेल अफसरों का पूरा संरक्षण था। जेल में ये कभी भी कहीं भी आ जा सकते थे। इनसे कोई रोकटोक नहीं होती थी। DIG जेल ने इन दोनों बंदियों को कहीं दूर की जेल में ट्रांसफर करने की सिफारिश की है।

तत्कालीन जेलर रीवन सिंह और जेल सुपरिंटेंडेंट में अदावत थी। दोनों एक दूसरे की शिकायतें करते रहते थे। शिकायत करने के कुछ दिन बाद ही 30 अप्रैल 2020 को रीवन सिंह को निलंबित कर दिया गया था। इन दिनों वह लखनऊ संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान में अटैच हैं।