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अन्तरधर्मी विवाह नीलम की संदिग्ध मौत की गुत्थी को सुलझाने के लिए आखिर अफरोज के शव को बाहर निकालने का निर्णय 

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अन्तरधर्मी विवाह नीलम की संदिग्ध मौत की गुत्थी को सुलझाने के लिए आखिर अफरोज के शव को बाहर निकालने का निर्णय 

झाँसी, उत्तर प्रदेश : अन्तरधर्मी विवाह करने वाली युवती अफरोज उर्फ नीलम की संदिग्ध मौत की गुत्थी को सुलझाने के लिए आखिर अफरोज के शव को बाहर निकालने का निर्णय लिया गया। अब शव के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट तय करेगी कि आखिर अफरोज के साथ हुआ क्या था। शुक्रवार को सुबह सीओ सदर एके चौरसिया, एसडीएम न्यायिक अतुल कुमार ने भारी फोर्स के साथ मप्र पुलिस की मौजूदगी में कब्र से शव को बाहर निकालवाया।

आपको बता दें कि पूरा मामला छतरपुर मप्र का है। यहाँ की रहने वाली नीलम अहिरवार ने तब्बू उर्फ तालिब से छह साल पहले विवाह किया था, जिसके बाद नीलम का नाम अफरोज बेगम हो गया था। छह जुलाई को अफरोज की तबियत अचानक बिगड़ी तो उसे ग्वालियर ले जाया जा रहा था, लेकिन झाँसी के पास उसकी मौत हो गयी।

परिजनों के रिश्तेदार प्रेमनगर में होने के कारण शव को प्रेमनगर कब्रिस्तान में दफना दिया गया। जब इसकी जानकारी अफरोज के परिजनों को हुई तो उन्होंने नीलम उर्फ अफरोज की मौत को हत्या बताते हुए पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए झाँसी जिला प्रशासन से संपर्क कर शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही। प्रशासन की अनुमति पर अफरोज के प्रेमनगर कब्रिस्तान में दफन शव को कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला गया।