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जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ द्वारा बड़े आंदोलन की तैयारी

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जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ द्वारा बड़े आंदोलन की तैयारी

रिपोर्ट अभिमन्यु शुक्ला जिला ब्यूरो औरैया

उत्तर प्रदेश एंबुलेंस पर कार्यरत ए.एल.एस कर्मचारियों को समायोजित करने, मुख्य मांगो बारे पत्र।अपर श्रम आयुक्त कार्यालय लखनऊ में 2 जुलाई को एंबुलेंस सघ के प्रदेश पदाधिकारियों एवं जीवीके ईएमआरआई एंबुलेंस संचालनकर्ता कंपनी के पदाधिकारीयों के मध्य श्रम विभाग मे मीटिंग हुई, जिसमें जीवनदायिनी संगठन प्रदेश अध्यक्ष श्री हनुमान पांडे और प्रदेश महामंत्री श्री बृजेश कुमार,प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री सुशील पांडे, राष्ट्रीय पदाधिकारी दिनेश कुमार कौशिक जी के द्बारा श्रम विभाग के समक्ष एंबुलेंस कर्मचारियों का पक्ष रखते हुए कहा की एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस जिस का संचालन जीवीके ईएम आर आई के द्वारा किया जा रहा है। लेकिन अब नेशनल हेल्थ मिशन के द्वारा टेडर जिगित्सा हेल्थ लिमिटेड कंपनी को दिया गया है जिसके कारण लगभग 1200 कर्मचारियों की नौकरी के ऊपर तलवार लटक गई हैं। पुरानी कंपनी की तरफ से आए एचआर हेड के द्वारा पक्ष रखते हुए श्रम विभाग को भ्रमित किया गया कि कंपनी ने अभी तक किसी भी कर्मचारी का टर्मिनेशन नहीं किया है।

लेकिन जीवनदायनी संघ आपके संज्ञान में लाना चाहता है नई कंपनी  जिगित्सा हेल्थ लिमिटेड के द्वारा ए.एल.एस गाड़ियों पर पायलट और एमरजैंसी मेडिकल टेक्निशियन की नियुक्तियों के लिए विज्ञापन निकालकर कंपनी लगातार नए कर्मचारियों की नियुक्तियां कर रही। संघ के पदाधिकारी नई कंपनी से अपने पुराने कर्मचारियों को समायोजित करने बारे मिले तो कंपनी ने ₹25000 डीडी और वेतन 10700 देने के लिए बोला जिससे कर्मचारी बिल्कुल भी सहमत नहीं है। पुराने सभी कर्मचारी अनुभवी है और सिर्फ समायोजित करने का कार्य ए.एच.एम और कंपनी को करना था लेकिन कर्मचारियों से कंपनी प्रशिक्षण के नाम पर अवैध वसूली करने पर अमादा है जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है संचालनकर्ता दोनों कंपनियों को नैशनल हैल्थ मिशन के द्बारा  250 एंबुलेंस गाड़ियों का हैंड ओवर,टेक ओवर के बारे में पत्र जारी किया जा चुका है।लगता हैं नई कंपनी नए कर्मचारियों की चयन प्रक्रिया पूरी कर चुकी है।

 एन.एच.एम की मिलीभगत से कर्मचारियों को साजिशन  बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।  19 जुलाई को जिगित्सा हेल्थ कंपनी ने कर्मचारियों को समायोजित बारे अपने निर्णय मे कहा पुराने कर्मचारियों को रखने में सक्षम नहीं है। *नई कंपनी के एचआर हेड ने श्रम विभाग में कर्मचारियों से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और  पुराने कर्मचारियों को लेने से मना कर दिया है।
 जिस कारण कर्मचारियों और कंपनी हेड के बीच कहासुनी भी हुई। सभी कार्यरत कर्मचारी अनुभवी है ए एल एस कर्मचारियों के खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है। अनदेखी ना करते हुए मिशन निदेशक द्वारा दोनों कंपनियों को निर्देशित किया जाए फ्रंट कोरोना वारियर्स प्रथम चरण और द्बितीय करोना काल से कार्यरत कर्मचारियों को समायोजित कर नौकरी सुरक्षा दि जाए।

 1:- ए.एल.एस और सभी एंबुलेंसो पर कार्यरत  कर्मचारियों को न बदला जाए और वेतन मे कटौती ना की जाए, पुराने अनुभवी कर्मचारी ही रखें जाए।
2:- कर्मचारी समायोजित के दौरान संचालन करता कंपनी द्वारा प्रशिक्षण के नाम किसी भी कर्मचारी से डीडी ना लिया जाए।
3 :- जब गाड़ी सरकारी कर्मचारी की ट्रेनिगं सरकार के पैसे से तो कंपनी बीच मे क्यों ? कर्मचारियों को हरियाणा की भांति नैशनल हैल्थ मिशन के अधिन करना चाहिए। 
4  :- करोना महामारी के दौरान अग्रणी भूमिका निभा रहे कोरोना योद्बाओं, कोरोना वारियर्स एंबुलेंस कर्मचारियों को ठेकेदारी से विश्राम चाहीए। 
5 :- करोना कॉल में शहीद हुए आश्रितों के परिवार को जल्द बीमा राशि 5000000 और सहायता राशि सरकार की तरफ से जल्द जारी हो।
6 :- जब तक राज्य में एंबुलेंस कर्मचारियों को नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन नहीं किया जाता तब तक ₹18000 न्यूनतम वेतन लागू कर प्रतिवर्ष महंगाई भत्ता भी दिया जाए।
 कर्मचारियों की 23 जुलाई तक मांगे पूरी नहीं होती तो प्रदेश के सभी एंबुलेंस कर्मचारियों को अपनी मांगे मनवाने के लिए संघर्ष करते हुए मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा।