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झाँसी - कहानी नगर पंचायत के हरदौलपुरा मुहल्ले में रहने बाले एक माँ और बेटे के बीच के प्यार की। 

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झाँसी - कहानी नगर पंचायत के हरदौलपुरा मुहल्ले में रहने बाले एक माँ और बेटे के बीच के प्यार की। 

आपको बता दे कि बड़ागांव के हरदोल पुरा मोहल्ला निवासी शगुन कुशवाहा अपने परिवार जन को बिना कुछ बताए घर से लापता हो जाती है और फिर लापता होने के 2 माह बाद वह कचरा उठाने का कार्य करने लगती है और सड़कों पर बने डिवाइडर ऊपर लेट कर अपना जीवन यापन करती है लेकिन आपको बता दें की तभी वहां पर डबरा में स्थित अपना आश्रम घर के सदस्य उस सड़क से गुजरे और सड़क पर पड़ी हुई शगुन को देख वह रुक गए और उनसे पूछताछ की लेकिन मानसिक तनाव के कारण शगुन उन सदस्यों को कुछ नहीं बता पाई तभी शगुन को अपना आश्रम घर के सदस्य अपने साथ लेकर अपने आश्रम आए और वहां पर उसका इलाज करवाया विगत 8 माह तक सगुन अपना घर आश्रम मैं रही और अचानक जब मैं ठीक होने लगी

तो सगुन ने अपना घर आश्रम के सदस्यों को बताया कि मैं झांसी जनपद के थाना बड़ागांव अंतर्गत ग्राम बड़ा गांव के हरदोल पुरा की रहने वाली हूं और मेरा बेटा राहुल है जिसकी सूचना अपना घर आश्रम के सदस्यों ने थाना बड़ागांव को दी और बड़ागांव पुलिस ने इसकी सूचना तत्काल शगुन की बेटे राहुल को दी सूचना पाते ही राहुल ने अपने ऑफिस के सारे कार्य छोड़ कर तुरंत बड़ागांव थाने पर जाकर संपर्क किया लगभग 1 वर्ष से राहुल दर-दर भटकता हुआ अपनी मां को खोज रहा था और जब उसको अपने मां के होने की सूचना मिली तो उसकी आंखों से आंसू छलक उठे और फिर उसने सत्यता की जांच के लिए बड़ागांव थाने पर जाकर अपनी मां से वीडियो कॉलिंग कराने को कहा जब वीडियो कॉलिंग की तो उसने पहचाना कि यह मेरी ही मां है और बिना किसी को कुछ बताएं लगभग 100 किलोमीटर की दूरी अपने स्कूटर से से करते हुए राहुल अपना घर आश्रम डबरा पहुंचा और वहां पहुंच कर उसने अपनी मां से मिलने के लिए कहा मां को देख राहुल की आंखों से आंसू झलक पड़े और वह फूट-फूट कर रोने लगा तभी मां से भी रहा ना गया

और फिर मां की आंखों से भी आंसू निकल आए। आपको बता दें कि राहुल राहुल ने उम्मीद खुद ही थी कि उसकी मां मिल पाएगी राहुल ने बताया की मां की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और 1 दिन बिना बताए घर से निकल गई सभी जगह देखा लेकिन कहीं नहीं मिलने के चलते धीरे-धीरे थाने में भी उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट डाली पोस्टर भी लगभग लेकिन अंत में उम्मीद खुद ही राहुल ने बताया कि उनकी मां का नाम शगुन कुशवाहा है बहुत मेहनत करती थी एवं भरा पूरा परिवार है दोनों मां-बेटे बहुत देर तक गले लग कर रोते रहे इसके बाद राहुल अपनी मां को स्कूटर पर बैठा कर घर ले आया और फिर इसकी सूचना राहुल ने हमारी ए एन बी न्यूज़ के संवाददाता विवेक राजोरिया को दी तभी मौके पर पहुंची हमारी यह नवी न्यूज़ की टीम ने राहुल से बातचीत की और उनका और उनकी मां का हालचाल जाना साथ ही पूरे मामले की पूछताछ की।