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Bikru Case: शस्त्र लाइसेंस, फर्जी सिम और पासपोर्ट मामलों में मुकदमे, 20 लोगों को बनाया गया आरोपित

कानपुर, बिकरू कांड को लेकर गठित एसआइटी की संस्तुतियों के तहत गुरुवार को चौबेपुर, बजरिया और नजीराबाद थाने में झूठा शपथ पत्र लगा शस्त्र लाइसेंस व पासपोर्ट हासिल करने, फर्जी नाम से सिम का प्रयोग करने पर मुकदमे दर्ज हुए। शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में दस, फर्जी सिम में नौ और पासपोर्ट में एक को आरोपित
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Bikru Case: शस्त्र लाइसेंस, फर्जी सिम और पासपोर्ट मामलों में मुकदमे, 20 लोगों को बनाया गया आरोपित

कानपुर, बिकरू कांड को लेकर गठित एसआइटी की संस्तुतियों के तहत गुरुवार को चौबेपुर, बजरिया और नजीराबाद थाने में झूठा शपथ पत्र लगा शस्त्र लाइसेंस व पासपोर्ट हासिल करने, फर्जी नाम से सिम का प्रयोग करने पर मुकदमे दर्ज हुए। शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में दस, फर्जी सिम में नौ और पासपोर्ट में एक को आरोपित बनाया गया है।

Bikru Case: शस्त्र लाइसेंस, फर्जी सिम और पासपोर्ट मामलों में मुकदमे, 20 लोगों को बनाया गया आरोपित
चौबेपुर बजरिया और नजीराबाद में दर्ज हुई रिपोर्ट। एसआइटी की जांच में सामने आया कि विकास दुबे और खजांची जय बाजपेयी समेत कई सहयोगियों ने गलत शपथपत्र लगा शस्त्र लाइसेंस हासिल किए। जय ने झूठे दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट बनवाया।

एसआइटी की जांच में सामने आया कि विकास दुबे और खजांची जय बाजपेयी समेत कई सहयोगियों ने गलत शपथपत्र लगा शस्त्र लाइसेंस हासिल किए। जय ने झूठे दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट बनवाया। चौबेपुर में शस्त्र लाइसेंस के नौ व फर्जी नाम से सिम प्रयोग के नौ आरोपितों पर मुकदमा हुआ। बजरिया थाने में जय के खिलाफ शस्त्र लाइसेंस व नजीराबाद में पासपोर्ट मामले में मुकदमा दर्ज हुआ।

शस्त्र लाइसेंस के मामले

  • विकास के पिता रामकुमार दुबे का शस्त्र लाइसेंस 28 दिसंबर 1992 को बना।
  •  विकास के भाई दीपक उर्फ दीपू का लाइसेंस एक सितंबर 1997 को बना।
  •  दीपक की पत्नी अंजली का लाइसेंस 26 जून 2008 को बना।
  •  सुज्जा निवादा निवासी विष्णुपाल उर्फ जिलेदार का लाइसेंस 28 सितंबर 2009 को बना।
  •  कंजती निवासी अमित उर्फ छोटे बउवा का लाइसेंस 20 फरवरी 2008 को बना।
  •  देवकली कंजती निवासी दिनेश कुमार का लाइसेंस 11 सितंबर 2008 को बना।
  •  बिकरू निवासी रवींद्र कुमार का लाइसेंस 11 फरवरी 2009 को बना।
  •  कंजती निवासी अखिलेश कुमार का लाइसेंस 15 मई 2008 को बना।
  •  बसेन निवासी आशुतोष त्रिपाठी उर्फ शिव का लाइसेंस 25 मई 2008 को बना।
  •  ब्रह्मनगर निवासी जय का लाइसेंस 19 जनवरी 2008 को बना।

फर्जी नाम से सिम का प्रयोग

  • मदारीपुरवा निवासी राम ङ्क्षसह दिलीपनगर पुरा बुजुर्ग शिवराजपुर के संतराम के नाम पर सिम प्रयोग कर रहा था।
  •  बिकरू निवासी मोनू के पास सिम शशिकांत पांडेय के नाम पर निकला।
  • विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे निगोहा मऊ निवासी महेश के नाम पर सिम का प्रयोग कर रही थी।
  • शिव उर्फ आशुतोष त्रिपाठी का सिम मलेप हरसेनपुर के मनीष यादव के नाम पर था।
  • अमर दुबे की मां शांति देवी अमरोहिया रसूलाबाद निवासी जयराम के नाम पर सिम का प्रयोग कर रही थी।
  • अमर दुबे की पत्नी का सिम ईडब्ल्यूएस, पनकी गंगागंज, रतनपुर कॉलोनी निवासी एक शख्स के नाम पर है।
  • विकास के नौकर दयाशंकर की पत्नी रेखा का सिम बिकरू की क्षमा देवी के नाम है।
  • विकास का साथी विष्णुपाल उर्फ जिलेदार का सिम रावतपुर के चंद्रपाल यादव के नाम पर है।
  •  विकास के भाई दीपक का सिम दयाशंकर के नाम है।