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बरेली में जिला मुख्यालय से महज 7 किमी दूर कंथरियां गांव खुद में जनसंख्या नियंत्रण का मॉडल है

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बरेली में जिला मुख्यालय से महज 7 किमी दूर कंथरियां गांव खुद में जनसंख्या नियंत्रण का मॉडल है

योगी सरकार उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून लाने की तैयारी कर रही है जिसका ड्राफ्ट तैयार हो चुका है. इस ड्राफ्ट में दो बच्चों की वकालत की गई है. लेकिन बरेली में जिला मुख्यालय से महज 7 किमी दूर कंथरियां गांव खुद में जनसंख्या नियंत्रण का मॉडल है. यह गांव बालीपुर अहमदपुर ग्राम पंचायत में लगता है। यहां बिना किसी दबाव या कानून के बीते 15 सालों से यह व्यवस्था लागू है. 40 परिवारों के इस गांव में 800 लोग रहते हैं. इनमें 30 परिवार ऐसे हैं जिनके केवल एक या दो बच्चे ही हैं

गांव के अधिकांश लोग खेती पर ही निर्भर हैं और सभी छोटे किसान हैं. अधिकांश के पास पक्के मकान भी नहीं हैं. उन्होंने अपने परिवारों को दो बच्चों तक ही सीमित रखने का फैसला लिया. इसमें कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके दो बेटियां ही हैं.

फैसले की वजह

गांव के लोगों ने बताये कि दो बच्चे पैदा करने के पीछे भी सिर्फ एक वजह है। उनके पास न तो ज्यादा खेती है न ही ढंग का घर. इस महंगाई में बच्चों की परवरिश भी कैसे करें? इसलिए उन्होंने छोटा परिवार रखने का फैसला लिया। बीते करीब 15 वर्षों से यहां के अधिकांश लोग दो से अधिक बच्चे नहीं पैदा कर रहे हैं.

कानून के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं

जब गांव वालों से जनसंख्या नियंत्रण कानून के बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा उन्हें इस कानून के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। यदि पूछना है तो उनसे पूछो जिनके पांच-छह बच्चे हैं। बहरहाल यदि सरकार यह कानून ला रही है तो अच्छी बात ही है। इससे लोगों का ही भला होने वाला है। हमें तो कोई दिक्कत नहीं है.

गांव वालों ने बताया कि हमारे खुद के पांच-छह भाई बहन थे. उस वक्त देखा था कि ज्यादा बच्चे होने में कितनी समस्याएं होती हैं. इसलिए हमने अपने कम बच्चे करने का ही फैसला लिया। सुना था कि छोटा परिवार सुखी परिवार होता है मगर अब महसूस भी होता है.

सरकार से सुविधाएं देने के लिए लगाई गुहार

गांव वालों का कहना है कि हमारा गांव शहर के बिल्कुल नजदीक है. फिर भी यहां पर न तो मंत्री आते हैं न ही कोई अधिकारी। गांव में तमाम समस्याएं है, जिनका कोई निस्तारण नहीं हो रहा है. उन्होंने सरकार से अपील की है कि गांव में सुविधाओं एवं विकास पर ध्यान दें.